अनमोल तोहफा
ऐ दोस्त, तुम तो एक अनमोल तोहफा हो
मेरी जिन्दगी का
जो भगवान ने दिया है मुझे कुछ अच्छे
कर्मो के रूप में
यही प्रार्थना है भगवान् से हमेशा संभाले
रखना मेरे दोस्त को
जिन्दगी के कठिन रास्तों में गर जो
कदम उसके पड़ेंगे
कांटो के रास्तो पर तो जख्मों का दर्द
मेरे दिल में उठेगा
यहाँ भी मेरा स्वार्थ छिपा है जिन्दगी में
की चिंता उसकी नहीं
अपने दर्द की करता हू और रोज प्रार्थना
प्रभु से करता हूं
की न हो उसे कभी तकलीफ जीवन में
जिसकी गिनती
मैं रोज अपनों में करता हूं.......

नवदीप चतुर्वेदी
कानपुर









waah !!!