चित्तौड़गढ़.विश्व नृत्य दिवस प्रस्तुतियों में बाईस अप्रेल रविवार को दिन में ग्यारह बजे स्पिक मैके और सैनिक स्कूल प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में शंकर मेनन सभागार में आयोजित मोहिनीअट्टम नृत्य संपन्न हुआ.देश की जानीमानी नृत्यांगना और कोरियोग्राफर प्रो. कलामंडलम लीलाम्ना ने एक घंटे तक की अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति में सभी को अभिभूत कर दिया.प्राचार्य ग्रुप केप्टन डी.सी.सिकरोडिया,रजिस्ट्रार मेजर अजय ढील के साथ ही स्पिक मैके संभागीय समन्वयक जे.पी.भटनागर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कलाकार मंडली का माल्यार्पण किया.अपने शुरुआती भाग में लीलाम्ना ने आंगिक अभिनय का परिचय देते हुए नृत्य की आवश्यक मुद्राओं के बारे में बताया.गणेश वंदना से शुरू मुख्य प्रस्तुति में राग मालिका और आदि ताल की बंदीश के बीच गायक कलामंडलम रजीश की खरज़दार आवाज़ बहुत सराही गयी.
संपादक से
बारिश की बूंदे
- Thursday, 14 April 2011
- News Desk
kal raate brishti hoyeche
jhiri jhiri brishtir shobdo bhese asche kaane
kothao ek fota, kothao ba dui
chupi chupi, thanda holo shohor
keu janlo , keu ba janlo na
ami tar prottokho dorshi
tumi ki shunte pele paatar upor brishtir aoaj
naki jantrik shohor er klanti
tomake niye gache onek dure
brishtir phota chute parlo na tomar rhidoy.........
aaj raat ta bhari sundor
ghumer pori niye galo na amay ghumer desha
snigdho batash dhheu er moto ek er por ek
ese choriye porche amar moner gobhire
onubhob korlam tader anagona
ador kore bolche, aaye, dekhai tore
aadharer ar ek roop......
Saha Munmun
kolkatta
साहा मुनमुन
कोलकाता
स्पिक मैके का 34वां राष्ट्रीय अधिवेशन कटक में
- Tuesday, 12 April 2011
- News Desk
मेजबानी करेगा रावेनशॉ विश्वविद्यालय
कला और संस्कृति का कुम्भ बनेगा स्थल
एक ऐसे समय पर जब देश के अधिकतर छात्र अपनी गर्मी की छुट्टियों का आनंद ले रहे होंगे, स्पिक मैके के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने वाले उन 1500 स्कूली छात्रों को शायद एक जीवन बदल देने वाली घटना का अनुभव हो सकता है। ये छात्र आश्रम के वातावरण में एक सप्ताह गुज़ारेंगे, जहाँ वे भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य के गुरुओं एवं प्रमुख लोक कलाकारों के कार्यक्रमों के साक्षी होंगे और उनके द्वारा करवाए जाने वाली कार्यशालाओं में भाग लेंगे। इसके अलावा, वे कई क्षेत्रों के दिग्गजों द्वारा निर्देशित वार्ता, क्लासिक फिल्मों का प्रदर्शन, शिल्प- कार्यशाला, योग, ऐतिहासिक स्मारकों की पदयात्रा और अन्य कार्यक्रमों के भी प्रतिभागी बन सकेंगे।
दूरियां महज राजनौतिक नहीं
- Tuesday, 05 April 2011
- News Desk
देश के सबसे बड़े राजनैतिक घराने ने दिलों के बीच पड़ी खाई को पाटने की कोई मिसाल पेश नहीं की. जो इंसान अपने परिवार को नहीं जोड़ सका वह देश को क्या जोड़ेगा ?
कड़वाहट कम है तो तपिश में गांधी परिवार
आज के समय में फासले इतने बढ गए हैं कि दूरियां कम होने का नाम ही नहीं लेतीं . एक पीड़ी के बाद दूसरी को भी नफ़रत कि आज में झोंक दिया जाता है. रिश्तों पर स्वार्थ इतना हावी हो गया है कि किसी को कुछ दिखाई ही नहीं पड़ता है. रिश्तों में घुली यह कड़वाहट वैसे तो कम दिखती है लेकिन जब इसकी तपिश में कोई बड़ा घराना आता है तो चर्चा होना लाजमी है. बात अभी ताज़ी ही है. देश के एक बड़े राजनैतिक घराने के युवराज वरुण गांधी विवाह बंधन मे बांध कर अपने जीवन कि नई शुरुआत करने जा रहे थे।
ज़िन्दगी संघर्ष, मंजिल दूर पर हम पाएंगे
- Friday, 04 March 2011
- News Desk
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर
ज़िन्दगी संघर्ष, मंजिल दूर है, दम भर ज़रा
सांस लेकर फिर चलेंगे हौसला हममें भरा
दूर है, मुश्किल है, संभव है ये हम बतलायेंगे
रौशनी की एक किरण को थामे सुबह लायेंगे











