जबलपुर - चालीस किलो का तोता। चौंकिए नहीं। इतना भारी भरकम तोता भले ही आपने नहीं देखा हो मगर ट्रेन में जाते ही यह 40 किलोग्राम का हो जाता है। मापदंड रेलवे का है। ट्रेन में यात्री अगर अपने साथ 250 ग्राम का तोता लेकर जाता है तो रेलवे तोते को 40 किलो वजन की श्रेणी में रखकर किराया वसूलता है। ट्रेनों में यात्रियों के साथ दिखने वाला तोता, बिल्ली, कुत्ते, रंगीन चिडिया, सफेद चूहे आदि अलग-अलग भार के पशु-पक्षियों का 40 किलो वजन के हिसाब से ही किराया लिया जाता है। इन पशु-पक्षियों को टोकरी, ब्रेकवान या फिर वातानुकूलित कोच में ले जाने की छूट है।
छूट के मुताबिक दाम वसूला जाता है। चौपायों को ट्रेन से ले जाने के लिए वीपी कोच लेना पड़ता है। इसमें शासन का अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। पीपुल्स ऑफ एनीमल द्वारा मूक पशु-पक्षियों की रक्षा में उठाए गए कदम के बाद वन विभाग हरकत में आया है।
वन विभाग ने ट्रेनों से जाने वाले पक्षियों पर प्रतिबंध लगा दिया। प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से रेलवे से तोता, दुर्लभ प्रजाति की चिडिया आदि नहीं जा पा रही हैं। रेलवे के ब्रेकवान में जानवर जाते हैं। गार्ड डिब्बे के एक कोने में ब्रेकवान बना होता है। ब्रेकवान में कुत्ता, बकरी, बिल्ली आदि जाती हैं। जानवरों के खाने-पानी की व्यवस्था होती है। हवा के लिए ब्रेकवान में खिड़की बनी होती है।
एसी में जाता है कुत्ता
एसी में चारों सीट एक ही परिवार की बुक होने पर वे अपने साथ पालतू कुत्ता ले जा सकते हैं। इसमें कुत्ते का भाड़ा 20 प्रतिशत अतिरिक्त वजन के साथ जोड़ा जाता है।











