-- 28 साल बाद भारत बना विश्व विजेता
-- जश्न में डूबा पूरा देश
मुंबई -- मुम्बई के वानखेडे स्टेडियम में महेन्द्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारत के क्रिकेट बांकूरों ने 28 साल बाद वह इतिहास दोहरा दिया है जिसे कपिल देव के जांबाजों ने 1983 में लॉर्ड्स में वेस्टइंडीज को हराकर दिखा दियाया था। यानि विश्व कप पर कब्जा। महेन्द्र सिंह धोनी के नाबाद 91 और गौतम गंभीर के 97 रनों की पारी के बीच श्रीलंकाई चीतों को रौंदते हुए भारतीय टीम ने विश्व कप हासिल कर एक अरब 21 करोड जनता का सिर उंचा कर दिया। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर के विश्वकप जीतने का सपना भी पूरा हो गया। दो अप्रैल का दिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा।
फाइनल मैच में श्रीलंका की ओर से महेला जयवर्द्धने के नाबाद 103 रन की बदौलत छह विकेट पर 274 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था, लेकिन गंभीर और धोनी ने भारत को शुरुआती झटकों से उबारते हुए चौथे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी कर जीत की दहलीज पर टीम को ला खडा किया। भारत ने 48.2 ओवर में चार विकेट पर 277 रन बनाकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। 28 साल बाद टीम इंडिया ने उधर वानखेडे में तिरंगा लहराया तो दूसरी ओर पूरा देश जश्न में डूब गया। हर ओर आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा।
विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सेहवाग के शून्य और अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के 18 रन बनाकर आउट हो जाने के बाद भारतीय उम्मीदें धूमिल नजर आने लगी थी। लेकिन गंभीर ने जीवन की सबसे यादगार पारी खेलते हुए 122 गेंदों में नौ चौकों की मदद से 97 रन बनाए। वे शतक से चूक गए। कप्तान धोनी ने तीन विकेट 114 रन पर गिर जाने के बाद खुद को बल्लेबाजी क्रम को युवराज सिंह से ऊपर लाते हुए यह साबित किया कि वह चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं और उनमें भारत को विश्व चैंपियन बनाने का माद्दा है। गंभीर और विराट कोहली (35) ने तीसरे विकेट के लिए 83 रन की बहुमूल्य साझेदारी की थी।
मगर भारतीय जीत को अमली जामा पहनाने का श्रेय गंभीर और धोनी के बीच चौथे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी को गया। विश्वकप में अब तक एक भी अर्धशतक नहीं बना पाए धोनी ने 79 गेंदों पर आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 91 रन की ऐसी पारी खेली जिसे भारतीय क्रिकेटप्रेमी वर्षों तक याद रखेंगे। गंभीर का विकेट 223 के स्कोर पर गिरा तब भारतीय पारी पर कुछ दबाव नजर आना लगा था, लेकिन धोनी ने अपनी 'कैप्टन कूल' प्रतिष्ठा के अनुरूप पूरा संयम दिखाते हुए युवराज (नाबाद 21) के साथ भारत को 48.2 ओवर में जीत की मंजिल पर पहुंचा दिया। युवराज ने 24 गेंदों की अपनी पारी में दो चौके लगाए।
खिताबी सफर में चार पूर्व चैपिंयन हुए ढेर
भारत ने चार पूर्व चैंपियनों को अपने खिताबी सफर में ध्वस्त किया। भारत ने अंतिम समूह मैच में दो बार के
चैंपियन वेस्टइंडीज को, क्वार्टरफाइनल में चार बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को, सेमीफाइनल में एक बार के
चैंपियन पाकिस्तान को और फाइनल में एक बार के चैंपियन श्रीलंका को शिकस्त झेलने के लिए मजबूर कर
दिया।
टीम इंडिया की जीत
48.2 ओवर, चार विकेट पर 277 रन
सेहवाग शून्य
तेंदुलकर 18
गंभीर 97
कोहली 35
धोनी 91
युवराज 21
श्रीलंका की पारी
50 ओवर में छह विकेट पर 274 रन
जयवर्द्धने 103
महेला 103
समरवीरा 21
कुलशेखरा 32
तिषारा परेरा 22
संगकारा 48
दिलशान 33
परेरा 22
भारत की बालिंग लाइन
जहीर खान 60 रन दो विकेट
युवराज सिंह 49 रन दो विकेट
हरभजन सिंह 50 रन एक विकेट
श्रीसंत 52 रन
मुनाफ पटेल 41 रन
भारतीय टीम का हर खिलाड़ी करोड़पति
विश्वविजेता बनते ही भारतीय टीम का हर खिलाड़ी करोड़पति बन गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने विश्वकप जीतने पर भारतीय टीम के हर सदस्य को एक-एक करोड़ रुपए देने का नकद पुरस्कार देने की तुरंत ही घोषणा कर डाली। भारतीय टीम को विश्वविजेता बनने पर चमचमाती ट्रॉफी के अलावा साढ़े 32 लाख डॉलर की भारी भरकम इनामी राशि भी मिली और टीम का हर खिलाड़ी करोड़पति बन गया। भारतीय टीम ने लीग चरण में चार मैच जीतने और एक मैच टाई रहने पर 13,5000 डॉलर कमाए और इस तरह उसे टूर्नामेंट से कुल 33,85,000 डॉलर मिले। भारत के हर खिलाड़ी को 2,25,666 डॉलर यानि एक करोड़ से अधिक की राशि मिली। उपविजेता श्रीलंका की टीम को 15 लाख डॉलर मिले। बीसीसीआई ने साथ ही घोषणा की कि कोच गैरी कर्स्टन और सपोर्ट स्टाफ के हर सदस्य को 50-50 लाख रुपए दिए जाएंगे जबकि चयनकर्ताओं को 25-25 लाख रुपए मिलेंगे।












VIRAT KO SHUKRIYA
YUVRAJ KI BALLE BALLE.
WHO IS OUR HEERA
ZAHIR
VIPAKSH KO NEEED NA AANE DE
RAINA
Thanks to all for the great achievement
history itself repeated.....
and sachin retired from cricket after getting world cup......
his dream is completeted...
Three cheers for sachin....
टीम इंडिया को बधाई, प्रदर्शन बेहतर रहा, विजेता की तरह खेले खिलाडी।