हैदराबाद से खबर है कि बल्लेबाजों को मदद करने वाली भारतीय पिच से भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी नाराज हैं। उनके अनुसार यदि इसी तरह की पिच बनाई गईं तो हमें टेस्ट मैच के नतीजे तक पहुंचने के लिए 10 दिन का समय चाहिए। अहमदाबाद के बाद हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच कल समाप्त हुआ दूसरा टेस्ट मैच भी ड्रा हो गया। धोनी ने इसके लिए पिच को जिम्मेदार बताया है।
उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की पिच बनाई गईं तो हम खेलते ही रहेंगे मगर नतीजा नहीं निकलेगा। बल्लेबाजों की मदद के लिए बनाए गए ऐसे पिचों में गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं रहता। उन्होंने राजीव गांधी स्टेडियम की बात करते हुए कहा कि लगा ही नहीं कि यह पांच दिवसीय मैचों के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि भारतीय बल्लेबाजों ने मैच में पूरी मेहनत की लेकिन पिच ने सहायता नहीं की।
हैदराबाद में भारत को अंतिम दिन पूरे दिन में केवल 4 विकेट मिले। पहला विकेट श्रीसंथ ने टिम सउदी को आउट कर पहला विकेट लिया, लेकिन बाद के तीनों विकेट किस्मत से ही मिले।
हैदराबाद का पिच हमेशा ही बल्लेबाजों को मदद करने वाला माना जाता है। 2009 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए 6वें एक दिवसीय मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 4 विकेट पर 350 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया था। भारत ने भी इसके जवाब में तेजी से रन बनाए, लेकिन वे 347 रन ही बना सके।











