वेबसाइट विकीलीक्स के ताजा खुलासे ने दौसा जिले को गुर्जर आंदोलन के बाद फिर देश-दुनिया की निगाहों में ला दिया है।
विकीलीक्स की ओर से जारी गोपनीय संदेशों से खुलासा हुआ कि 22 मई 1996 को जिले के महुवा उपखण्ड के समलेटी गांव में रोडवेज बस में हुए बम धमाके में आतंकी संगठन जम्मू एण्ड कश्मीर इस्लामिक फ्रंट (जेकेआईएफ) का हाथ था। इसमें 14 जनों की मौत और 37 घायल हुए थे। नेपाल में ठिकाना रखने वाले जेकेआईएफ के पीछे पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई है।
विकीलीक्स के मुताबिक जेकेआईएफ भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए काठमांडू के कश्मीरी व्यापारियों का सहयोग लेती है। जेकेआईएफ का प्रमुख जावेद भी कारपेट का व्यापारी है। ये बातें भारत में अमरीका में राजदूत रहे फ्रेंक विक्कर ने वहां की सरकार को भेजे संदेश में कही थी। विकीलीक्स के अनुसार सज्जाद अहमद केनू ने 1995 में जेकेआईएफ की स्थापना की थी। सज्जाद आईयूएम का कार्यकर्ता रहा है। 1995 में सज्जाद श्रीनगर की जेल से भाग गया था। आतंकवादियों ने भरतपुर से जयपुर आ रही रोडवेज बस आरजे 07 पी-1080 में जयपुर-आगरा मार्ग स्थित समलेटी गांव के पास बम विस्फोट को अंजाम दिया गया। इसमें 14 लोग मारे गए थे। पुलिस ने इसमें जावेद खान उर्फ जावेद जूनियर, फारूख अहमद खान अनन्तनाग, रहीस बेग आगरा, डा. अब्दुल हमीद फिरोजाबाद यूपी, लतीफ अहमद वाजा श्रीनगर व मिर्जा निसार सहित कुल 11 के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था। कुलविंदर सिंह को उन्मोचित कर दिया गया और रियाज अहमद की तिहाड़ जेल में मौत हो चुकी है। तीन अभियुक्त तिहाड़ में बंद हैं और 6 के विरूद्ध एडीजे बांदीकुई केम्प महुवा के यहां मामला चल रहा है। इस प्रकरण में 15 साल में भी आरोप तय नहीं हो पाए हैं। अगले माह आरोप पर बहस होगी।











