पटना - भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की लड़ाई को तब बड़ी ताकत मिली, जब पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आइएएस एसएस वर्मा की संपत्ति को जब्त करने का निर्देश दिया। पहले निचली अदालत ने यह फैसला दिया था। हाईकोर्ट ने इस पर मुहर लगा दी है। श्री वर्मा पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया हुआ है। उनके सिर्फ लाकर से 9 किलो सोना मिला था।
निगरानी की विशेष अदालत ने आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में श्री वर्मा की सम्पत्ति जब्त करने का निर्णय सुनाया था। अदालत ने श्री वर्मा की अपील खारिज कर दी थी। उन्होंने इस फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। स्पेशल कोर्ट्स एक्ट 2009 के तहत पिछले 11 मई को यह फैसला आया था।
न्यायाधीश धरणीधर झा की पीठ ने आज अपने फैसले में कहा कि निचली अदालत के फैसले में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं मिली। अदालत श्री वर्मा के अन्य सगे संबधियों की अपील भी खारिज कर दी। सगे-संबंधियों ने दावा किया था कि स्पेशल विजिलेंस यूनिट जिसे श्री वर्मा की सम्पत्ति बता रही है दरअसल वह उनकी सम्पत्ति है।
श्री वर्मा लंबे समय तक लघु सिंचाई विभाग के सचिव के पद पर कार्यरत रहे। छापामारी में उनके निवास स्थान से स्वीट्जरलैंड का सोने का बिस्कुट, 800 सोने की गिन्नी सहित कुल 9 किलो सोना बरामद किया था। इन पर डेढ़ करोड़ रूपये की अवैध सम्पत्ति अर्जित करने का आरोप है।
ध्यान रहे कि स्पेशल कोर्ट्स एक्टकी व्यवस्था के मुताबिक श्री वर्मा पर न सिर्फ भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई होगी, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति को जब्त किया जायेगा। ऐसा कानून केवल बिहार में लागू है।
सभार - जागरण











