कोलकाता - पश्चिम बंगाल सरकार ने सर्वसम्मति से राज्य के नाम बदलने की पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वीकार किया है कि सरकार राज्य के विपक्षी दलों के साथ मिलकर शुक्रवार को सर्वसम्मति से राज्य का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' रखने का अंतिम निर्णय ले चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार और सभी विपक्षी दलों ने सर्वसम्मति से निर्णय किया कि राज्य का नाम पश्चिम बंगाल से बदलकर पश्चिम बंग रखा जाए।"
बनर्जी ने कहा, "बांग्ला में हम अपने राज्य को पश्चिम बंग कहते हैं, लेकिन अंग्रेजी में वेस्ट बेंगॉल (पश्चिम बंगाल) कहते हैं। अब से अंग्रेजी में भी हमारे राज्य को पश्चिम बंग कहा और लिखा जाएगा।" राज्य विधानसभा में शुक्रवार को सभी दलों की बैठक हुई, जिसमें राज्य का नाम बदलने पर विचार-विमर्श किया गया।
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के नेता मनोज भट्टाचार्य बैठक में मौजूद थे। उन्होंने ‘आईएएनएस’ से कहा, "नया नाम अब विधानसभा में पारित होगा, इसके बाद यह प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहां से संसद में लाया जाएगा, फिर स्वीकृति के लिए इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।"
राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमने महसूस किया कि ऐतिहासिक एवं प्रशासनिक कारणों से हममें से सभी राज्य के नाम में परिवर्तन चाहते हैं। काफी विचार-विमर्श के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अंग्रेजी वर्णमाला का पहला अक्षर 'ए' के करीब कोई नाम हो। हमें 'ए' अक्षर से तो कोई नाम नहीं मिला, लेकिन हम 'डब्ल्यू' को छोड़कर 'पी' पर पहुंचे।"
मार्क्सचवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्रा ने बैठक के बाद कहा, "पश्चिम बंगाल का नाम 'पश्चिम बंग' रखे जाने के मुद्दे पर हम राज्य सरकार के विचार से सहमत हैं।" चटर्जी ने कहा, "नाम पर विचार करते समय हमने प्रशासनिक, ऐतिहासिक एवं सामाजिक सहित सभी पहलुओं पर विचार किया।"











