Monday, May 21st

Last update12:21:27 PM GMT

Profile

Layout

Direction

Menu Style

Cpanel
You are here: खबरें प्रादेशिक बीएसपी ने नहीं दिया हक तो सरिवार जहर पीया

बीएसपी ने नहीं दिया हक तो सरिवार जहर पीया

  • PDF

भिलाई तक नहीं पहुंची अन्‍ना हजारे की आवाज
मां समेत तीन बहनों की मौत, युवक गंभीर


एक ओर जहां भ्रष्‍टाचार के खिलाफ पूरा देश अन्‍ना हजारे के सुर में सुर मिला रहा है तो वहीं देश के एक शहर भिलाई में 17 सालों से अपना हक मांगते-मांगते एक परिवार तबाह हो गया। बेरोजगारी और बीएसपी प्रबंधन के बार-बार आश्‍वासन से तंग सेक्‍टर-4 रोड नंबर 34 निवासी सुनील साहू ने अखिरकार सपरिवार जहर पीकर जीवन लीला खत्‍म करने को पहल कर ली। पिछले चार दिनों से इस परिवार ने स्‍वयं को कमरे में बंद कर रखा था। चौथे दिन फिर एक आश्‍वासन मिलने से हतास परिवार ने यह कदम उठाया। विषैला पदार्थ सेवन करने के कारण मां समेत तीन बहनों की मौत हो गई जबकि सुनील अब भी अस्‍पताल में जीवन व मौत से जूझ रहा है।

इस परिवार ने पिछले 17 साल में बार-बार आश्‍वासन और सिर्फ आश्‍वासन का घूंट पीने से बेहतर जहर पी लेना ही समझा। बार-बार अपनी मांग को दोहराने वाले सुनील व उसके परिवार ने सपरिवार स्‍वयं को खत्‍म करने की पहल कर न सिर्फ भिलाई जिला प्रशासन, भिलाई स्‍टील प्रबंधन बल्कि देश व समाज के मुंह पर जोरदार तमाचा जड दिया है। यह तमाचा है मानवीय संवेदना का और नैतिक मूल्‍यों में आई गिरावट का। जिसे लेकर आज पूरा देश भ्रष्‍टाचार व अन्‍ना हजारे के साथ खडा है।

दरअसल सुनील साहू के पिता व भिलाई संयंत्रकर्मी एमएल साहू की मौत 17 साल पूर्व हो गई थी। अनुकंपा नौकरी का हकदार सुनील तब से नौकरी के प्रति आशांवित था और अपनी मांग बीएसपी प्रबंधन के पास रख रहा था। पिता की मौत के बाद परिवार में एक बुढी मां और तीन जवान बहनों के जीविका की जिम्‍मेदारी सुनील पर थी। भाई बहनों में तीसरे नंबर पर आने वाला सुनील बेरोजगारी का लेकर काफी परेशान था तो बीएसपी में नौकरी को लेकर आशांविन्‍त। लेकिन धीरे-धीरे उसकी आशा निराशा में बदलने लगी। अनुकंपा नौकरी की मांग करने वाले सुनील के उपर तब जिंदगी तब और भारी लगने लगी जब बीएसपी प्रबंधन ने उसे आवास खाली करने की नोटिस दे दी।

तीन युवा बहनों और बुढी मां को लेकर जाए तो जाएं कहां। 17 साल से नौकरी की जायज मांग को लेकर लड रहे सुनील ने आखिरकार अनुकंपा नौकरी की मांग करते हुए चार दिन पूर्व सपरिवार स्‍वयं को कमरे में बंद कर लिया था। चेतावनी दी कि अगर उन्‍हें निकालने की कोशिश की गई तो वह सपरिवार जान दे देगा। प्रशासन ने आवास पर पहरा लगा दिया और सुनील को बाहर निकालने का प्रयास भी किया गया लेकिन सारे प्रयास विफल रहे। सोमवार को प्रशासन की मध्‍यस्‍तथा में कंपनी के उप महाप्रबंधक एके कायल, सहायक महाप्रबंधक कष्‍णा शाह, वरिष्‍ठ महाप्रबंधक अमूल्‍य प्रियदर्शी, एसडीएम सिदार्थ दास, सीएसपी राकेश भटट आदि आवास पर पहुंचे और आंदोलित सुनील शर्मा से खिडकी से वार्ता की। प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन से फिर एक बार आश्‍वासन मिला, अनुकंपा नौकरी देने से पूर्व पूरी तरह जांच का। इस बीच सहमति बनी थी कि मंगलवार को सुनील परिवार सहित बाहर आ जाएगा। लेकिन सुबह बाहर आई चार लाशे। बुढी मां की तीन युवा बहनों की। जहर पीकर बेहोश सुनील जीवन और मौत से अस्‍पताल में जूझ रहा है।

यह सवाल अब भी अनुत्‍तरित है कि आखिर अन्‍ना की आंधी भिलाई तक क्‍यूं नहीं पहुंची ? 17 साल बाद भी सुनील को न्‍याय और रोजगार क्‍यूं नहीं मिला ?

जमशेदपुर में श्रीनिवास ने किया आत्‍मदाह

जमशेदपुर स्थित टिनप्लेट कंपनी में नौकरी नहीं मिलने से परेशान श्रीनिवास ने भी आत्‍मदाह कर लिया है। उसकी  मौत रविवार की रात 11.00 बजे अस्‍पताल में हो गई। वह दस नंबर बस्ती सिंधु रोड का रहने वाला था। बताया जाता है कि श्रीनिवास सिंह ने रविवार को दोपहर करीब तीन बजे कंपनी के सीआरएम गेट में सहयोगी संग जबरन घुस गया। सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया पर असफल रहे। इस बीच श्रीनिवास ने नारेबाजी शुरू कर दी और अपने शरीर पर केरोसिन तेल डाल लिया। माचिस से आग लगाने की कोशिश की पर उससे माचिस नहीं जली। यह देख उसके साथ-साथ गए सुनील ने माचिस जला दी। देखते ही देखते ही श्रीनिवास झुलस गया। उसे सुरक्षाकर्मियों ने टीएमएच भेजा, जहां उसकी मौत हो गई। श्रीनिवासकंपनी में नौकरी को लेकर काफी परेशान था। उसके पिता विभुति नारायण सिंह को वर्ष 2000 में टिनप्लेट से इएसएस दिया गया था। उस समय उनके पुत्र को नौकरी पर रखने का आश्वासन भी मिला था। इसे लेकर पहले ही आत्‍मदाह की चेतावनी दी गई थी।

भिलाई से अरुण कुमार श्रीवास्‍तव की रिपोर्ट

खबर पर किसी टिप्पणी का स्वागत है। कोई सूचना या खबर देने  के लिए
मेल करें - This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it

Add your comment

Your name:
Your email:
Subject:
Comment:

झारखंड

राँची

जमशेदपुर

धनबाद

हमसे संपर्क करें

खबरवाला में छपी किसी सामग्री पर कोई टिप्पणी अथवा सूचना, समाचार, आलेख, गतिविधि, पुरस्कार, सम्मान आदि की जानकारी देने के लिए संपर्क करें -

डा. अनिल कुमार, संपादक

editor@khabarwala.com