नई दिल्ली - दिल्ली धमाकों से हिली दिल्ली के जख्मों पर भ्रष्टाचार का मरहम रखते हुए गुरूवार को भाजपा नेता अडवाणी ने रथ यात्री पर निकलने की घोषणा कर दी है। गुरुवार को लोकसभा में भ्रष्टाचार का मु्द्दा छाया रहा। लोकसभा में आज भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी बुरी तरह यूपीए पर झल्लाये। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार बुरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है। उसकी हालत से आभास होता है कि जनता का भरोसा इस सरकार से पूरी तरह से उठ चुका है। देश में बढ़ते भ्रष्टाचार के ग्राफ को देखते हुए उन्होंने ऐलान किया है कि आने वाले महीने में रथ यात्रा करेगें।
उन्होंने प्रेस वार्ता करके कहा कि रथ यात्रा की शुरूआत मथुरा और वाराणसी से 13 अक्टूबर से शुरू होंगी। इन दो बड़ी यात्राओं के अलावा 350 छोटी-छोटी यात्राओं की भी आयोजन किया जाएगा। दोनों यात्राएं लखनऊ में 21 नवंबर को खत्म होंगी। बता दें कि लाल कृष्ण आडवाणी ने कैश फार वोट मामले में बीजेपी के दोनों नेता कुलस्ते और भगोरा को जेल भेजे जाने पर कहा कि मुझे उनके बारे में पता था अगर वो दोषी है तो मुझे भी जेल भेज दो। जिसके बाद लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ और लोकसभा को स्थगित करना पड़ा। रथ यात्रा के बारे भाजपा अध्यक्ष नीतिन गडकरी ने भी हामी भर दी है।
2009 में डॉ. मनमोहन सिंह के हाथों पीएम की दौड़ में मात खाने के बाद भले ही बीजेपी के सीनियर लीडर लालकृष्ण आडवाणी ने खुद को प्रधानमंत्री की दौड़ से अलग कर लिया हो लेकिन देशव्यापी रथयात्रा के ऐलान करके आडवाणी ने शायद एक तीर से कई निशाने की तैयारी की है। माना जा सकता है कि अब न सिर्फ उनकी बल्कि बीजेपी का भविष्य भी इसी बात से तय होगा कि उनकी यह यात्रा कितनी कामयाब होती है। अगर यह यात्रा कामयाब हुई तो उसका सबसे बड़ा नुकसान कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा लेकिन अगर यह यात्रा नाकाम साबित हुई तो इसका झटका बीजेपी को कम लेकिन आडवाणी को ज्यादा लगेगा और उनकी प्रधानमंत्री ओहदे तक पहुंचने की सारी संभावनाएं एक ही झटके में खत्म हो जाएंगी।
जब आडवाणी ने कहा- मुझे भी जेल भेजो
कैश फॉर वोट मामले में भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोरा को तिहाड़ जेल भेजे जाने पर आज बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी जमकर भड़के। उन्होंने कहा कि अगर वाकई में कुलस्ते और भगोरा दोषी है तो मैं भी दोषी हूं। मुझे भी जेल भेज दो। आडवाणी ने संसद में बकायदा ये बात अपने हाथ उठाकर हड़कड़ी पहनने के अंदाज में कही। आडवाणी ने कहा कि कुलस्ते और भगोरा बिल्कुल निर्दोष हैं, उन्हें सच बोलने की सजा दी जा रही है। उन्होंने कोई जुर्म नहीं किया है।
आडवाणी के बयान के बाद लोकसभा में हंगामा शुरू हो गया। इसके चलते लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। बता दें कि कैश फॉर वोट मामले में 6 सिंतबर को दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने अमर सिंह के साथ साथ कुलस्ते और भगोरा को 19 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।











