कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने अन्ना पर दिए बयान पर माफी मांग ली और माफी मांगने के बाद वे मीडिया के सामने नहीं आते। वहीं, 12 दिनों तक चले अन्ना के अनशन के दौरान खामोश रहे दिग्विजय सिंह अन्ना हजारे और उनकी टीम पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने अन्ना को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुखौटा कहा, तो अरविंद केजरीवाल पर चंदा लेने का आरोप लगाया। इस पर अन्ना नाराज हो गए और उन्होंने दिग्विजय को पागलखाने भेजने की सलाह दे डाली।
गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने अन्ना को आरएसएस का मुखौटा बताया। इससे पहले वे अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगा चुके हैं कि अरविंद केजरीवाल ने करोड़ों का चंदा लिया है। 12 दिनों तक चले अन्ना के अनशन के दौरान खामोश रहे दिग्विजय सिंह अचानक जाग गए हैं और अन्ना के खिलाफ मैदान में उतरे हैं तो आरोपों की बौछार लगा रहे हैं। मालूम हो कि दिग्विजय सिंह ने पहले रामदेव को आरएसएस का मुखौटा बताया था और अब वे अन्ना हजारे को आरएसएस का मुखौटा बता रहे हैं। दिग्विजय सिंह से पहले कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी भी अन्ना पर काफी आरोप लगा चुके हैं। लेकिन अपने कहे पर माफी मांगने के बाद वे मीडिया के सामने नहीं आते। तो अब यह मोर्चा लगता है दिग्विजय सिंह ने संभाल लिया है।
वहीं, अन्ना ने दिग्विजय के आरोपों पर कहा है कि मेरे बारे में जो लोग कह रहे हैं कि रामलीला मैदान में भाजपा या आरएसएस की भीड़ थी, तो उन्हें ‘मेंटल अस्पताल’ में भेजना चाहिए। मैं कभी किसी पार्टी के पास नहीं गया, स्वार्थ के कारण लोग पार्टी के पास जाते हैं। मेरा कोई स्वार्थ नहीं है।











