पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता अर्जुन सिंह का शुक्रवार शाम नई दिल्ली के एक अस्पताल में हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया। वे 80 वर्ष थे। उनके निधन पर मध्य प्रदेश में एक दिन का अवकाश एवं तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में उनके पैतृक गांव चुरहट में शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं
मध्य प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके अर्जुन सिंह काफी समय से बीमार थे। 15 दिन पहले उन्हें दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को ही कांग्रेस कार्य समिति के पुनर्गठन में स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में उनके नाम की घोषणा हुई थी।
वे 2004 से 2009 के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री रहे थे। 1930 में मध्य प्रदेश में जन्मे अर्जुन सिंह अपने राजनीतिक करियर के अंतिम वर्षों में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए। उन्हें खराब स्वास्थ्य के कारण मौजूदा कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया था। पांच दशकों के अपने राजनीतिक सफर में सिंह कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वर्ष 1991-96 के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के कैबिनेट में वे नंबर दो की हैसियत रखते थे। वर्ष 2002 में उन्हें सर्वोत्कृष्ट सांसद का सम्मान मिला था।"उनके निधन पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कई नेताओं ने गहरा शोक प्रकट किया है।











