अन्ना के आहावन पर देश भर में प्रदर्शन
नई दिल्ली - गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का जादू लोगों के सिर किस कदर बोल रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके सिर्फ एक आह्वान पर लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों के आवास पर धरना देना और प्रदर्शन करना आरम्भ कर दिया।
अन्ना हजारे समर्थकों ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और करीब 100 सांसदों के घरों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के असम के गुवाहाटी स्थित आवास पर प्रदर्शनकारी ढोल और मजीरा लिए हुए थे और अपने गानों के जरिए संसद में प्रभावी लोकपाल विधेयक नहीं लाने के लिए प्रधानमंत्री एवं कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना कर रहे थे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा सांसद हैं और उनके आधिकारिक जीवनवृत्त में उनका आवास गुवाहाटी के सरूमोटोरिया इलाके में किराये के मकान को बताया गया है। उनके आवास के आसपास सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। आंदोलनकारियों ने यहां करीब 30 मिनट तक प्रदर्शन किया। इससे पहले आंदोलनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद बिजया चक्रवर्ती के गुवाहाटी आवास पर प्रदर्शन किया था। असम में अन्य सांसदों के आवास पर भी इस तरह के प्रदर्शन किए गए।
केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल के आवास के बाहर भी लोगों ने धरना दिया। सैकड़ों की संख्या में लोग 19, तीन मूर्ति मार्ग स्थित सिब्बल के आधिकारिक आवास पर पहुंच गए और उसके बाहर धरना दिया। इनमें अधिकतर उनके संसदीय क्षेत्र चांदनी चौक से थे। सिब्बल केंद्र में मानव संसाधन और संचार एवं प्रद्यौगिकी मंत्री हैं। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सिब्बल ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह व्यवहार कर रहे हैं। सरकार को जनभावना समझनी पड़ेगी। 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्हें एक ऎसे कमरे में बंद किया गया है, जिसमें खिड़की या वेंटिलेशन भी नहीं है।
चांदनी चौक से आए एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारे क्षेत्र में हुए जनमत संग्रह से जाहिर होता है कि 80 प्रतिशत लोग जन लोकपाल विधेयक का समर्थन कर रहे हैं। वह हमारे सांसद हैं, उन्हें हमारे विचार को प्रदर्शित करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आगे भी इस तरह के प्रदर्शन जारी रहने की बात कही। एक दूसरे प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम हर सांसद के घर जाएंगे। अन्ना हजारे के आह्वान पर मध्य प्रदेश में सांसदों के आवास पर धरना प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया। सोमवार को इंदौर, उज्जैन, भिण्ड में सांसदों के आवास पर प्रदर्शन किया गया।
महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने थाली बचाते हुए झाबुआ से कांग्रेस सांसद कांतिलाल भूरिया के इंदौर स्थित आवास पर प्रदर्शन कर मांग की कि वे संसद मे जन लोकपाल विधेयक का समर्थन करें। इसी तरह अन्ना हजारे समर्थकों ने उज्जैन में कांग्रेस सांसद प्रेम चंद्र गुडडू के आवास पर प्रदर्शन किया। अन्ना हजारे समर्थकों ने भिण्ड में भाजपा सांसद अशोक अर्गल के आवास पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर अर्गल ने बाद में कहा कि वे जनभावना के अनुरूप संसद में लोकपाल का समर्थन करेंगे।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी लोगों ने प्रभावी लोकपाल विधेयक के समर्थन में अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों के आवास व कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इंडिया अगेन्स्ट करप्शन के बैनर तले विभिन्न वर्गो के लोगों ने मुरादाबाद के देव विहार इलाके में सांसद मोहम्मद अजहरूद्दीन के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर जन लोकपाल विधेयक को समर्थन देने की मांग की।
रायबरेली में लोगों ने सांसद सोनिया गांधी के कार्यालय पांडे कोठी के बाहर प्रदर्शन कर जन लोकपाल विधेयक को पारित कराने की मांग की। इसी तरह लखीमपुर खीरी में सांसद जफर नकवी के आवास और हाथरस में सांसद सारिका बघेल के आवास के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किए।
इससे पहले रविवार को इसी तरह के प्रदर्शन उन्नाव से कांग्रेस सांसद अन्नू टंडन, कानपुर से कांग्रेस सांसद एवं केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, इलाहाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद रेवती रमण सिंह एवं फैजाबाद से कांग्रेस सांसद निर्मल खत्री के आवास के सामने किए गए थे।
झारखण्ड की राजधानी रांची में केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय के घर के बाहर प्रदर्शन किया और इस बुजुर्ग गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता को पागल कहने के लिए उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कहा। गांधी टोपी पहने सैकड़ों की संख्या में युवा हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन के परिसर में स्थित सहाय के आवास के बाहर एकत्र हो गए। अन्ना हजारे के समर्थकों ने सहाय के फोटोग्राफ पर पहले फूल रखे। उनके हाथों में बैनर था जिस पर लिखा था, "सुबोध समझदार है, हम सब पागल हैं।"
सहाय रांची में नहीं थे। 16 अगस्त को अन्ना हजारे की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने कहा था कि उन्हें उनके पागलपन के कारण गिरफ्तार किया गया। सरकार किसी भी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक अनशन की अनुमति कैसे दे सकती है? अन्ना हजारे की एक समर्थक कीर्ति ने कहा कि अन्ना हजारे को पागल कहने के लिए सुबोध कांत सहाय को उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने और जन लोकपाल विधेयक का समर्थन देने को कहा।
बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के तो अन्ना समर्थकों ने जनता दल (युनाइटेड) के दो सांसदों को रेलगाड़ी से उतरवा कर उनसे जन लोकपाल विधेयक के लिए समर्थन की मांग की। पुलिस के अनुसार, बगहा रेलवे स्टेशन पर सोमवार को अन्ना विचार मंच और अन्ना हजारे के समर्थकों ने वाल्मीकिनगर के सांसद वैद्यनाथ महतो और गोपालगंज के सांसद पूर्णमासी राम को सप्तक्रांति एक्सप्रेस रेलगाड़ी से उस समय उतरवाया जब वह दिल्ली रवाना हो रहे थे। इस दौरान रेलगाड़ी यहां 20 मिनट तक रूकी रही।
अन्ना विचार मंच के कैलाश नाथ तिवारी ने बताया कि दोनों सांसदों से संसद में जन लोकपाल विधेयक का समर्थन करने की मांग की गई। सांसदों ने अन्ना हजारे के समर्थकों को संसद में जन लोकपाल विधेयक का ही समर्थन करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी भी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन की नीति बना रही है। सांसदों के इस आश्वासन के बाद अन्ना समर्थकों ने उन्हें दिल्ली जाने दिया।
उधर जयपुर में प्रदर्शन के बाद सांंसद महेश जोशी ने अपने तेवर में नरमी लाते हुए न सिर्फ प्रदर्शनकारियों के धरना-प्रदर्शन के लिए दरियां बिछवाई, बल्कि उन्हें भजन गाने के लिए हारमोनियम का भी प्रबंध किया। सांसद के इस रवैये से जहां अन्ना समर्थक भौचक्के से रह गए, वहीं कई लोगों का मानना है कि सांसद ने ऎसा करके एक तरह से आंदोलन पर तंज ही कसा है। अगर सांसद लोगों के मन की बात अपने आलाकमान तक नहीं पहुंचाते, तो ऎसा ही माना जाएगा। गौरतलब है कि रविवार को सांसद महेश जोशी ने अन्ना हजारे के आंदोलन पर पलटवार करते हुए उन्हें जयपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती तक दे डाली थी।











