
कहा- जब तक लोकपाल नहीं बनेगा, मैदान नहीं छोड़ूंगा
दिल्ली में हल्की बारिश और सड़कों पर उतरे जनसैलाब के जोशीले नारों के बीच चार दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का कारवां तिहाड़ जेल से रामलीला मैदान पहुंच गया है। रामलीला मैदान पहुंचने से पहले अन्ना महत्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शुक्रवार करीब 11.45 बजे तिहाड़ जेल से बाहर निकलने के बाद करीब ढाई घंटे का सफर कर अन्ना रामलीला मैदान पहुंचे। राजघाट पर अपने स्वस्थ होने का संदेश देते हुए उन्होंने कुछ कदमों तक दौड़ भी लगाई। रामलीला मैदान में हजारों की तादाद में मौजूद उनके समर्थकों ने पूरे जोश के साथ उनका स्वागत किया।
इससे पहले, अन्ना ने तिहाड़ के बाहर समर्थकों को सम्बोधित करते हुए 'भारत माता की जय' और 'वंदेमात्रम' के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि 1947 में मिली आजादी के लिए 1942 में आंदोलन शुरू हुआ था और अब 16 अगस्त से दूसरी आजादी की लड़ाई शुरू हो गई हैं जिसे आपको अंजाम तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अन्ना रहे या न रहे लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ यह मशाल जलती रहनी चाहिए। अन्ना ने कहा, "जेल के बाहर चार दिन से बैठे आप लोगों को मैं धन्यवाद देता हूं और बच्चे, बूढ़े और युवाओं से अपील करता हूं कि वे अधिक से अधिक संख्या में रामलीला मैदान पहुंचे।"
अन्ना ने कहा कि पिछले तीन दिनों में मेरा वजन तीन किलो कम हो गया है, लेकिन समर्थकों को देकर मेरी ऊर्जा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस देश का युवक जाग गया है। देश के लोग मेरी ताकत हैं। जब तक जन लोकपाल बिल नहीं बनेगा तब तक यह मैदान नहीं छोड़ूंगा। करीब दो किलोमीटर लम्बे अन्ना के इस ऐतिहासिक कारवां में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो मंगलवार से ही तिहाड़ के बाहर अन्ना के आने का इंतजार कर रहे थे। अन्ना को मंगलवार सुबह उनके प्रस्तावित अनशन स्थल जेपी पार्क जाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
शाम को हालांकि उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया लेकिन अन्ना ने जेल से बाहर आने से इंकार कर दिया। उन्होंने दिल्ली में किसी सार्वजनिक स्थल पर बिना शर्त अनशन करने की अनुमति मांगी थी।
इससे पहले अन्ना के प्रमुख सहयोगी केजरीवाल ने कहा कि इस आंदोलन के दौरान किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता को अन्ना के मंच पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हां, यदि कोई हमारे समर्थन में आता है तो उसका स्वागत है। केजरीवाल से यह पूछे जाने पर कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "हम किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता को मना नहीं कर रहे हैं, उनका स्वागत है। वे यहां आकर अन्य समर्थकों के बीच बैठ सकते हैं।"
केजरीवाल से जब यह पूछा गया कि सरकार आरोप लगा रही है कि आप अन्ना हजारे को बरगला रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "अन्ना कोई बच्चे नहीं हैं, जो मैं उन्हें बरगला रहा हूं। वह वर्षो से समाजसेवा कर रहे हैं और मैं तो पिछले पांच साल से ही उनके सम्पर्क में हूं। मुझसे पहले उन्हें कौन बरगला रहा था। सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। वह अपने अनशन के बल पर सात कानून पास करवा चुके हैं।"
इससे पहले तिहाड़ जेल से निकलने के बाद अन्ना हजारे मायापुरी से होते हुए राजघाट पहुंचे और वहां राष्ट्रपित महात्मा गांधी की समाधि पर नमन करने के बाद वे रामलीला मैदान पहुंच गए। मूसलाधार बारिश के बीच हजारों लोग अन्ना के समर्थन में दिल्ली की सड़कों पर भीगते हुए रामलीला मैदान पहुंच रहे थे। अन्ना ने रामलीला मैदान में उनका इंतजार कर रहे हजारों लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुई लड़ाकी की मशाल को बुझने न देना। अब देश को भ्रष्टाचार के चुंगल से पूरी तरह आजाद करवाना है।
इससे पहले प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर मंगलवार से अनशन पर बैठे अन्ना हजारे आज तीन दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर निकले और अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार हजारों लोगों के हुजूम के साथ रामलीला मैदान की ओर निकल पड़े। उन्होंने कहा कि अन्ना रहे या न रहे, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ यह मशाल जलती रहनी चाहिए। अन्ना ने लोगों से आह्वान भी किया कि वे राष्ट्रीय सम्पत्ति का नुकसान न करें।
अन्ना के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार सुबह संवाददातओं से कहा, "अन्ना 11 बजे तिहाड़ जेल से रामलीला मैदान के लिए निकलेंगे। पुलिस ने उनको राजघाट और रामलीला मैदान ले जाने के लिए मार्ग तय कर लिया है। वे बिल्कुल स्वस्थ हैं।"
केजरीवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वरुण गांधी संसद में लोकपाल बिल रख रहे हैं तो उन्हें खुशी है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी लोकपाल बिल को ‘प्राइवेट मेंबर बिल’ के तौर पर दो बार पेश किया जा चुका है। वरुण गांधी पेश कर रहे हैं, अच्छी बात है।
एक सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि अन्ना का स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है और अन्ना को जबरन अस्पताल ले जाना ठीक नहीं होगा। यह सवाल अन्ना पर छोड़ देना चाहिए। अन्ना की मर्जी के बगैर उन्हें अस्पताल ले जाना सही नहीं है। जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ज्यूडिशियल अकाउंटिबिलिटी बिल को जनता की मदद से लाती है, तो हमें मंजूर है। अगर आप अपनी मर्जी से लाते हैं तो वह हमें मंजूर नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि इस आंदोलन के दौरान किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता को अन्ना के मंच पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हां, यदि कोई हमारे समर्थन में आता है तो उसका स्वागत है। केजरीवाल से यह पूछे जाने पर कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "हम किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता को मना नहीं कर रहे उनका स्वागत है। वे यहां आकर अन्य समर्थकों के बीच बैठ सकते हैं।"
केजरीवाल से जब यह पूछा गया कि सरकार आरोप लगा रही है कि आप अन्ना हजारे को बरगला रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "अन्ना कोई बच्चा नहीं हैं, जो मैं उन्हें बरगला रहा हूं। वे वर्षों से समाजसेवा कर रहे हैं और मैं तो पिछले पांच साल से ही उनके सम्पर्क में हूं। मुझसे पहले उन्हें कौन बरगला रहा था। सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। वे अपने अनशन के बल पर सात कानून पास करवा चुके हैं।"
केजरीवाल से संवाददाताओं ने जब पूछा कि क्या 15 दिन के भीतर सरकार मान जाएगी, तो उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हमें आश्वस्त किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह नियत समयसीमा को बढ़ा सकती है।
सभार - जोश 18











