भ्रष्टाचार कम करने के लिए मजबूत लोकपाल बिल की मांग को लेकर अनशन पर अड़े अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों अरविंद केजरीवाल, किरन बेदी और मनीष सिसौदिया को पुलिस ने आज हिरासत में ले लिया। बेदी को राजघाट से हिरासत में लिया गया है। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार के सुप्रीम इन्क्लेव में ठहरे अन्ना को उस वक्त हिरासत में लिया गया जब वो यहां से निकलते हुए जेपी पार्क पहुंचने की तैयारी में थे। अन्ना और केजरीवाल को हिरासत में लेकर अलग-अलग गाडियों में सिविल लाइंस जीओएस मेस ले जाया गया है।
अन्ना को टोयोटा गाड़ी में अक्षरधाम मंदिर से विकास मार्ग होते हुए सिविल लाइंस ले जाया गया। उनकी गाड़ी में पुलिसवाले भी थी। अन्ना ने हिरासत में लिए जाने से पहले देश की जनता को संदेश जारी किया।सुप्रीम इन्क्लेव में अपने कैंप अन्ना जैसे ही बाहर निकले, वहां मौजूद करीब हजार लोगों की भीड़ ने अन्ना को घेर लिया। इस बीच वहां पहुंची पुलिस ने अन्ना को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को बताया कि वो अन्ना को अनशन स्थल ले जा रहे हैं। (वहां का माहौल देखने के लिए दूसरी रिलेटेड लिंक पर क्लिक करें) अन्ना ने जब पुलिस से कहा कि वो राजघाट जाना चाहते हैं लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेते हुए कहा कि उन्हें ऐसा करने का आदेश है। पुलिस ने जीवन अनमोल हॉस्पिटल के पास मीडिया और अन्ना समर्थकों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
अन्ना के सहयोगी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि वो अन्ना और टीम के लोगों को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। टीम अन्ना ने कहा है कि हिरासत में भी अनशन जारी रहेगा। स्वामी अग्निवेश और जस्टिस हेगड़े ने अन्ना और सहयोगियों की गिरफ्तारी की निंदा की है।
पुलिस की तैयारी थी कि अन्ना को यहां से निकलते ही गिरफ्तार कर लिया जाए और उन्हें अनशन स्थल तक पहुंचने ही न दिया जाए। सुप्रीम इन्क्लेव के आस-पास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। हालांकि सोसायटी के लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। मयूर इन्क्लेव में एक ऐसा दरवाजा है जहां से अन्ना को चोरी-छिपे निकालने की योजना थी। पुलिस ने शर्तें नहीं मानने के कारण उन्हें जेपी पार्क में अनशन की इजाजत नहीं दी है। फिर भी अन्ना ने कहा था कि वह अनशन करेंगे। जेपी पार्क में लागू धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस ने सैकड़ों अन्ना समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।











