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देश-विदेश

थाई प्रधानमंत्री का टि्वटर अकाउंट हैक

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बैंकाक- थाईलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा का टि्वटर अकाउंट हैक कर लिया गया है उस पर लिखे पोस्ट में प्रधानमंत्री की कार्यक्षमता पर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पोस्ट में यिंगलक पर भेदभाव करने एवं कई असफलताओं का आरोप लगाया गया है। अंत में कहा गया है कि अगर वह अपना अकाउंट नहीं सम्भाल सकतीं, तब फिर देश कैसे सम्भाल सकती हैं? जुलाई में हुए चुनाव में यिंगलक ने स्पष्ट बहुमत से चुनाव जीता था।

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पाकिस्तान में "फेसबुक" पर प्रतिबंध

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लाहौर हाई कोर्ट ने पाकिस्तान के सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय को सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस अजमत सईद ने धार्मिक असहिष्णुता के मामले में एक मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को यह भी साफ किया कि फेसबुक ही नहीं गुगल सहित ऎसे सर्च इंजनों पर भी प्रतिबंध लगाया जाए जिनसे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने इस संबंध में मंत्रालय से 6 अक्टुबर तक अनुपालना रिपोर्ट मांगी है।


कोर्ट ने यह आदेश अमरीकन सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक के पाकिस्तान में स्थाई रूप से प्रतिबंध लगाने की याचिका पर दिए। यह याचिका अधिवक्ता मोहम्मद अजहर सिद्दीकी की ओर से दायर की गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार सूचना की स्वतंत्रता के नाम पर इन वेबसाइट्स के जरिए इस्लाम का अवमुल्यन किया जा रहा है, इसके फलस्वरूप मुसलमानों के लाखों लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय धार्मिक घृणा फैलाने वेबसाइटों ब्लॉक नहीं किया। याचिकाकर्ता ने अनुरोध किया है कि फेसबुक सहित ऎसी सभी वेबसाइटों को पाकिस्तान में स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाए, जिनके जरिए पवित्र पैगंबर की निंदा की जा रही है।

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गुजरात दंगा पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार

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नरेंद्र मोदी ने कहा- ईश्वर महान
नई दिल्‍ली. गुजरात दंगों के दौरान पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी हत्याकांड मामले में मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी को फिलहाल राहत मिलती दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की भूमिका के बारे में निचली अदालत ही फैसला करेगी। सोमवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गुलबर्ग सोसायटी कांड की रिपोर्ट मजिस्‍ट्रेट के पास भेज दी जो इस पर फैसला लेंगे। यह रिपोर्ट एसआईटी जांच पर कोर्ट के सलाहकार की ओर से तैयार की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्‍त सबूत नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'भगवान महान हैं।'

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13 सितंबर को होगा दिल्ली के शापिंग मॉल में धमाका !

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तीसरे के बाद चौथा ई-मेल, अहमदाबाद भी निशाने पर
नई दिल्ली- दिल्ली हाईकोर्ट धमाके के सुराग को लेकर हाथ पांव मार रही देश की सुरक्षा एजेंसियों के सामने आए चौथे ईमेल से नयी दुविधा खडी हो गयी है। शुक्रवार अपराहन मीडिया के सामने तीसरा ई-मेल आया था तो शाम को चौथा ई-मेल भी आ गया। चौथे मेल में तीसरे मेल के ही संदेश को दोहराते हुए हर हाल में आईएम द्वारा हमला किये जाने की बात कही गयी है। तीसरा ई-मेल अल्फा-न्युमेरिक कोड भाषा में भेजा गया था जिसे पुलिस ने डिकोड किया।

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अब अमेरिका को दहलाने पहुंचे तीन आतंकी

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खबर है कि 9/11 की 10वीं बरसी पर अमेरिका को फिर से दहलाने की साजिश की गई है। इस खबर की भनक पाते ही  अमेरिकी एजेंसियां सतर्क हो गयी है। एजेंसियों को इस बात के सुराग मिले है कि आतंकी न्यूयार्क या वाशिंग्टन को निशाना बनाने की ताक में है और तीन आतंकी अमेरिका में घुस चुके हैं। आशंका है कि ये आतंकी कार या दूसरे वाहने से विस्‍फोट कर घटना को अंजाम देने की साजिश कर सकते है।


अल कायदा के इस खौफनाक हमले के दस साल पूरे होने में महज दो दिन बाकी हैं और खबर है कि 9/11 की दसवीं बरसी पर आतंकवादियों ने अमेरिका को दहलाने की फिर से साजिश रची है। अमेरिकी के काउंटर टेरेरिज्म अधिकारियों को इस साजिश की पुख्ता जानकारी हाथ लगी है, हालांकि अमेरिकी सरकार ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। जानकारी के मुताबिक कम से कम तीन आतंकी, जिनमें से एक अमेरिकी नागरिक है, हवाई रास्ते से अमेरिका घुस चुके हैं। ऐसी आशंका है कि संदिग्ध आतंकी अफगानिस्तान से आए हैं। मुमकिन है कि अमेरिका आने के रास्ते ये आतंकी ईरान से भी गुजरे हों। जानकारी के मुताबिक आतंकी न्यूयार्क या वाशिंग्टन को निशाना बना सकते हैं। साजिश कार या ट्रक बम से हमले की है. इस मामले में अमेरिकी अधिकारी भाड़े के उन दो ट्रकों की सरगर्मी से तलाश कर रहे है जो केनसास सिटी से लापता हैं। बताया जा रहा है कि इन वाहनों को इस्‍तेमाल हमला के नीयत से किया जा सकता है। एक अधिकारी के मुताबिक साजिश के बारे में सूचना बेहद पक्की है. व्हाईट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक राष्ट्रपति को इसकी जानकारी दे दी गई है। हर साल की तरह इस साल भी 9/11 के मौके पर अमेरिका में सुरक्षा बढ़ा दी गई है लेकिन, साजिश के इस खुलासे के बाद अमेरिका अलर्ट का स्तर बढ़ाने पर विचार कर रहा है.

 

के. बालाचंद्र दादा साहेब फाल्‍के पुरस्‍कार से सम्‍मानित

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राष्‍ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने आज 58वें राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार प्रदान किए। विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में राष्‍ट्रपति ने वर्ष 2010 के लिए श्री के. बालाचंद्र को दादा साहेब फाल्‍के पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती अम्बिका सोनी ने समारोह की अध्‍यक्षता की। इस अवसर पर राष्‍ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने कहा कि सिनेमा संदेश देने का एक सशक्‍त माध्‍यम है। यह माध्‍यम फिल्‍म उद्योग से जुड़े सभी लोगों के उपर महान दायित्‍व भी डालता है कि वे ऐसा सिनेमा तैयार करें, जो समाज के लिए बेहतर हो।

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तीस्ता पर ममता को मनाएगी सरकार

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री की बांग्‍लादेश की यात्रा से वापसी के बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अपने पहले बयान में कहा है कि बांग्लादेश के साथ तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे का मान्य हल खोजने की कोशिश हो रही है। प्रधानमंत्री के बांग्लादेश दौरे की जानकारी देते हुए उन्होंने लोकसभा में कहा कि हम बांग्लादेश के साथ तीस्ता मसले पर मान्य हल खोजने को उत्सुक हैं।

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पहले दहली फिर थर्राई दिल्‍ली

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नई दिल्ली - दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर बुधवार की सुबह हुए बम विस्फोट से पूरी दिल्‍ली दहल उठी। विस्‍फोट में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई जबकि 91 घायल हो गए। घायलों में चार की हालत नाजुक है। गृह मंत्रालय के विशेष सचिव यू. के. बंसल ने कहा है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर हुए बम धमाके में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और और 76 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर को राम मनोहर लोहिया अस्तपताल में भर्ती करवाया गया है।

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अन्‍ना जेड श्रेणी के सुरक्षा घेरे में

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सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई छेड़ने वाले गांधीवादी अन्ना हजारे की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराएगी। चार सशस्त्र सुरक्षाकर्मी और दो निजी सुरक्षा अधिकारी चौबीस घंटे उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
महाराष्ट्र गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि सरकार की ओर से दी जा रही इस सुरक्षा में पुलिस का एक वाहन भी शामिल है। अन्ना हजारे जब कभी भी गांव से बाहर निकलेंगे तो यह पुलिस वाहन उन्हें सुरक्षा प्रदान करेगा।

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सांसदों के घरों तक अन्‍ना की दस्‍तक

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अन्‍ना के आहावन पर देश भर में प्रदर्शन 

नई दिल्ली - गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का जादू लोगों के सिर किस कदर बोल रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके सिर्फ एक आह्वान पर लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों के आवास पर धरना देना और प्रदर्शन करना आरम्भ कर दिया।


अन्ना हजारे समर्थकों ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और करीब 100 सांसदों के घरों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के असम के गुवाहाटी स्थित आवास पर प्रदर्शनकारी ढोल और मजीरा लिए हुए थे और अपने गानों के जरिए संसद में प्रभावी लोकपाल विधेयक नहीं लाने के लिए प्रधानमंत्री एवं कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना कर रहे थे।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा सांसद हैं और उनके आधिकारिक जीवनवृत्त में उनका आवास गुवाहाटी के सरूमोटोरिया इलाके में किराये के मकान को बताया गया है। उनके आवास के आसपास सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। आंदोलनकारियों ने यहां करीब 30 मिनट तक प्रदर्शन किया। इससे पहले आंदोलनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद बिजया चक्रवर्ती के गुवाहाटी आवास पर प्रदर्शन किया था। असम में अन्य सांसदों के आवास पर भी इस तरह के प्रदर्शन किए गए।

केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल के आवास के बाहर भी लोगों ने धरना दिया। सैकड़ों की संख्या में लोग 19, तीन मूर्ति मार्ग स्थित सिब्बल के आधिकारिक आवास पर पहुंच गए और उसके बाहर धरना दिया। इनमें अधिकतर उनके संसदीय क्षेत्र चांदनी चौक से थे। सिब्बल केंद्र में मानव संसाधन और संचार एवं प्रद्यौगिकी मंत्री हैं। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सिब्बल ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह व्यवहार कर रहे हैं। सरकार को जनभावना समझनी पड़ेगी। 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्हें एक ऎसे कमरे में बंद किया गया है, जिसमें खिड़की या वेंटिलेशन भी नहीं है।

चांदनी चौक से आए एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारे क्षेत्र में हुए जनमत संग्रह से जाहिर होता है कि 80 प्रतिशत लोग जन लोकपाल विधेयक का समर्थन कर रहे हैं। वह हमारे सांसद हैं, उन्हें हमारे विचार को प्रदर्शित करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आगे भी इस तरह के प्रदर्शन जारी रहने की बात कही। एक दूसरे प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम हर सांसद के घर जाएंगे। अन्ना हजारे के आह्वान पर मध्य प्रदेश में सांसदों के आवास पर धरना प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया। सोमवार को इंदौर, उज्जैन, भिण्ड में सांसदों के आवास पर प्रदर्शन किया गया।

महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने थाली बचाते हुए झाबुआ से कांग्रेस सांसद कांतिलाल भूरिया के इंदौर स्थित आवास पर प्रदर्शन कर मांग की कि वे संसद मे जन लोकपाल विधेयक का समर्थन करें। इसी तरह अन्ना हजारे समर्थकों ने उज्जैन में कांग्रेस सांसद प्रेम चंद्र गुडडू के आवास पर प्रदर्शन किया। अन्ना हजारे समर्थकों ने भिण्ड में भाजपा सांसद अशोक अर्गल के आवास पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर अर्गल ने बाद में कहा कि वे जनभावना के अनुरूप संसद में लोकपाल का समर्थन करेंगे।

उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी लोगों ने प्रभावी लोकपाल विधेयक के समर्थन में अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों के आवास व कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इंडिया अगेन्स्ट करप्शन के बैनर तले विभिन्न वर्गो के लोगों ने मुरादाबाद के देव विहार इलाके में सांसद मोहम्मद अजहरूद्दीन के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर जन लोकपाल विधेयक को समर्थन देने की मांग की।
रायबरेली में लोगों ने सांसद सोनिया गांधी के कार्यालय पांडे कोठी के बाहर प्रदर्शन कर जन लोकपाल विधेयक को पारित कराने की मांग की। इसी तरह लखीमपुर खीरी में सांसद जफर नकवी के आवास और हाथरस में सांसद सारिका बघेल के आवास के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किए।

इससे पहले रविवार को इसी तरह के प्रदर्शन उन्नाव से कांग्रेस सांसद अन्नू टंडन, कानपुर से कांग्रेस सांसद एवं केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, इलाहाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद रेवती रमण सिंह एवं फैजाबाद से कांग्रेस सांसद निर्मल खत्री के आवास के सामने किए गए थे।

झारखण्ड की राजधानी रांची में केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय के घर के बाहर प्रदर्शन किया और इस बुजुर्ग गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता को पागल कहने के लिए उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कहा। गांधी टोपी पहने सैकड़ों की संख्या में युवा हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन के परिसर में स्थित सहाय के आवास के बाहर एकत्र हो गए। अन्ना हजारे के समर्थकों ने सहाय के फोटोग्राफ पर पहले फूल रखे। उनके हाथों में बैनर था जिस पर लिखा था, "सुबोध समझदार है, हम सब पागल हैं।"

सहाय रांची में नहीं थे। 16 अगस्त को अन्ना हजारे की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने कहा था कि उन्हें उनके पागलपन के कारण गिरफ्तार किया गया। सरकार किसी भी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक अनशन की अनुमति कैसे दे सकती है? अन्ना हजारे की एक समर्थक कीर्ति ने कहा कि अन्ना हजारे को पागल कहने के लिए सुबोध कांत सहाय को उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने और जन लोकपाल विधेयक का समर्थन देने को कहा।

बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के तो अन्ना समर्थकों ने जनता दल (युनाइटेड) के दो सांसदों को रेलगाड़ी से उतरवा कर उनसे जन लोकपाल विधेयक के लिए समर्थन की मांग की। पुलिस के अनुसार, बगहा रेलवे स्टेशन पर सोमवार को अन्ना विचार मंच और अन्ना हजारे के समर्थकों ने वाल्मीकिनगर के सांसद वैद्यनाथ महतो और गोपालगंज के सांसद पूर्णमासी राम को सप्तक्रांति एक्सप्रेस रेलगाड़ी से उस समय उतरवाया जब वह दिल्ली रवाना हो रहे थे। इस दौरान रेलगाड़ी यहां 20 मिनट तक रूकी रही।

अन्ना विचार मंच के कैलाश नाथ तिवारी ने बताया कि दोनों सांसदों से संसद में जन लोकपाल विधेयक का समर्थन करने की मांग की गई। सांसदों ने अन्ना हजारे के समर्थकों को संसद में जन लोकपाल विधेयक का ही समर्थन करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी भी जन लोकपाल विधेयक के समर्थन की नीति बना रही है। सांसदों के इस आश्वासन के बाद अन्ना समर्थकों ने उन्हें दिल्ली जाने दिया।

उधर जयपुर में प्रदर्शन के बाद सांंसद महेश जोशी ने अपने तेवर में नरमी लाते हुए न सिर्फ प्रदर्शनकारियों के धरना-प्रदर्शन के लिए दरियां बिछवाई, बल्कि उन्हें भजन गाने के लिए हारमोनियम का भी प्रबंध किया। सांसद के इस रवैये से जहां अन्ना समर्थक भौचक्के से रह गए, वहीं कई लोगों का मानना है कि सांसद ने ऎसा करके एक तरह से आंदोलन पर तंज ही कसा है। अगर सांसद लोगों के मन की बात अपने आलाकमान तक नहीं पहुंचाते, तो ऎसा ही माना जाएगा। गौरतलब है कि रविवार को सांसद महेश जोशी ने अन्ना हजारे के आंदोलन पर पलटवार करते हुए उन्हें जयपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती तक दे डाली थी।

अन्ना टीम ने ठुकराया सरकार का सुलह प्रस्‍ताव

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नई दिल्ली - प्रभावी लोकपाल के लिए रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे गांधीवादी अन्ना हजारे ने रविवार को कहा कि सरकार के साथ उनकी बातचीत के दरवाजे खुले हैं लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी टीम द्वारा तैयार जन लोकपाल विधेयक के संसद में पारित होने तक उनका अनशन जारी रहेगा। इसके पहले गांधीवादी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि सरकार सामाजिक संगठन द्वारा तैयार विधेयक को संसद में 30 अगस्त से पहले पारित नहीं कराती तो उसे सत्ता छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'सिर कटा सकते हैं लेकिन सिर झुका सकते नहीं'।

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अन्ना ने 30 अगस्त तक लोकपाल पारित करने की दी चेतावनी

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प्रभावी लोकपाल पारित नहीं हुआ तो जेल भरो आंदोलन

नई दिल्ली -  भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने आंदोलन को देश भर से मिले जबरदस्त समर्थन से उत्साहित गांधीवादी अन्ना हजारे ने शुक्रवार को रामलीला मैदान से घोषणा की कि यदि एक प्रभावी लोकपाल विधेयक 30 अगस्त से पहले संसद में पारित नहीं हुआ, तो उनके समर्थक उसके बाद 'जेल भरो' आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि पारित होने वाले लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री और न्यायपालिका भी होनी चाहिए।


गांधीवादी अन्ना की इस नई चुनौती से केंद्र सरकार का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बैठक की और अपने राजनीतिक स्थिति का आकलन किया। अन्ना ने युवाओं से देश में 'बदलाव' का आह्वान करते हुए कहा कि उनके न रहने पर भी 'क्रांति' की मशाल निरंतर जलती रहनी चाहिए। रामलीला मैदान पहुंचने से पहले वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने राजघाट पर अपनी टोपी उतार राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समाधि पर गुलाब की पंखुड़ियों और सूत की माला चढ़ाई और काले संगमरमर से बनी समाधि पर सिर नवाया। राजघाट पर अपने स्वस्थ होने का संदेश देते हुए उन्होंने कुछ कदमों तक दौड़ भी लगाई।

रामलीला मैदान पहुंचने पर गांधीवादी ने हजारों समर्थकों के बीच घोषणा की कि जन लोकपाल विधेयक की मांग से वे पीछे नहीं हट सकते। अपनी गिरफ्तारी से देश भर में जज्बातों को उभारने और सरकार को एक राजनीतिक संकट में डालने वाले अन्ना हजारे ने कहा, "एक प्रभावी लोकपाल विधेयक के पारित होने तक हम इस स्थान से नहीं हटेंगे। यह एक नई आजादी के संघर्ष की नई क्रांति की शुरूआत है।"

ज्ञात हो कि अन्ना हजारे के रामलीला मैदान पहुंचने से पहले जोरों की बारिश हुई, लेकिन यह बारिश समर्थकों के उत्साह को कम न कर सकी। बारिश का लुत्फ उठाने के लिए समर्थक पंडाल से बाहर आ गए और देशभक्ति के गीतों पर अपने जज्बात बयां किए।

बारिश अभी पूरी तरह से थमी नहीं थी कि इसी बीच अन्ना हजारे का काफिला वहां पहुंचा। उन्होंने मंच पर चढ़कर सबसे पहले 'वंदेमातरम और इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाए। इसके बाद समर्थकों को सम्बोधित करना शुरू किया।

मध्य दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में गांधीवादी ने कहा, "क्रांति की यह मशाल निरंतर जलती रहनी चाहिए। यह केवल लोकपाल विधेयक के लिए नहीं है। हमें इस देश में एक बदलाव लाना है।" उनके इस बयान पर समर्थकों ने नारे लगाकर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस देश के लोग अब और लूट बर्दाश्त नहीं करेंगे। रामलीला मैदान में हजारों की तादाद में मौजूद उनके समर्थकों ने पूरे जोश के साथ उनका स्वागत किया।

रामलीला मैदान में युवाओं को बदलाव का अग्रदूत बताते हुए अन्ना हजारे ने आह्वान किया कि उनकी अनुपस्थिति में युवाओं को क्रांति की मशाल आगे बढ़ाते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, "युवा शक्ति राष्ट्र की शक्ति है। चाहे अन्ना हजारे रहें या न रहें। क्रांति की यह मशाल निरंतर जलती रहनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि अनशन शुरू करने के बाद पिछले तीन दिनों में उनका वजन तीन किलोग्राम कम हुआ है।

रामलीला मैदान में बच्चे, किशोर, युवा, बुजुर्ग सभी उम्र के समर्थक मौजूद थे। बहुत सारे स्कूली छात्र स्कूल छोड़कर गांधीवादी के समर्थन में पहुंचे थे। टीम अन्ना के सदस्य और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने उन अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया कि सामाजिक कार्यकर्ता सरकार के समक्ष घुटने टेक रहे हैं। उन्होंने कहा, "किसी भी सहमति पर समझौता नहीं हुआ है।"

अन्ना को मंगलवार सुबह उनके प्रस्तावित अनशन स्थल जेपी पार्क जाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। शाम को हालांकि उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया लेकिन अन्ना ने जेल से बाहर आने से इंकार कर दिया। उन्होंने दिल्ली में किसी सार्वजनिक स्थल पर बिना शर्त अनशन करने की अनुमति मांगी थी।

वहीं, अन्ना हजारे को भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को देश भर में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग और वकीलों से लेकर किसान सभी वर्ग के लोग शुक्रवार को सड़कों पर उतरे। अन्ना हजारे के आंदोलन के समर्थन में और भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों ने बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में प्रदर्शन किया।

सभार - जोश 18

 

 

तिहाड से रामलीला मैदान पहुंचे अन्‍ना दहाडे

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कहा- जब तक लोकपाल नहीं बनेगा, मैदान नहीं छोड़ूंगा

दिल्‍ली में हल्की बारिश और सड़कों पर उतरे जनसैलाब के जोशीले नारों के बीच चार दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का कारवां तिहाड़ जेल से रामलीला मैदान पहुंच गया है। रामलीला मैदान पहुंचने से पहले अन्ना महत्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की।


शुक्रवार करीब 11.45 बजे तिहाड़ जेल से बाहर निकलने के बाद करीब ढाई घंटे का सफर कर अन्ना रामलीला मैदान पहुंचे। राजघाट पर अपने स्वस्थ होने का संदेश देते हुए उन्होंने कुछ कदमों तक दौड़ भी लगाई। रामलीला मैदान में हजारों की तादाद में मौजूद उनके समर्थकों ने पूरे जोश के साथ उनका स्वागत किया।

इससे पहले, अन्ना ने तिहाड़ के बाहर समर्थकों को सम्बोधित करते हुए 'भारत माता की जय' और 'वंदेमात्रम' के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि 1947 में मिली आजादी के लिए 1942 में आंदोलन शुरू हुआ था और अब 16 अगस्त से दूसरी आजादी की लड़ाई शुरू हो गई हैं जिसे आपको अंजाम तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अन्ना रहे या न रहे लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ यह मशाल जलती रहनी चाहिए। अन्ना ने कहा, "जेल के बाहर चार दिन से बैठे आप लोगों को मैं धन्यवाद देता हूं और बच्चे, बूढ़े और युवाओं से अपील करता हूं कि वे अधिक से अधिक संख्या में रामलीला मैदान पहुंचे।"

अन्ना ने कहा कि पिछले तीन दिनों में मेरा वजन तीन किलो कम हो गया है, लेकिन समर्थकों को देकर मेरी ऊर्जा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस देश का युवक जाग गया है। देश के लोग मेरी ताकत हैं। जब तक जन लोकपाल बिल नहीं बनेगा तब तक यह मैदान नहीं छोड़ूंगा। करीब दो किलोमीटर लम्बे अन्ना के इस ऐतिहासिक कारवां में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो मंगलवार से ही तिहाड़ के बाहर अन्ना के आने का इंतजार कर रहे थे। अन्ना को मंगलवार सुबह उनके प्रस्तावित अनशन स्थल जेपी पार्क जाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

शाम को हालांकि उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया लेकिन अन्ना ने जेल से बाहर आने से इंकार कर दिया। उन्होंने दिल्ली में किसी सार्वजनिक स्थल पर बिना शर्त अनशन करने की अनुमति मांगी थी।


इससे पहले अन्ना के प्रमुख सहयोगी केजरीवाल ने कहा कि इस आंदोलन के दौरान किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता को अन्ना के मंच पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हां, यदि कोई हमारे समर्थन में आता है तो उसका स्वागत है। केजरीवाल से यह पूछे जाने पर कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "हम किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता को मना नहीं कर रहे हैं, उनका स्वागत है। वे यहां आकर अन्य समर्थकों के बीच बैठ सकते हैं।"

केजरीवाल से जब यह पूछा गया कि सरकार आरोप लगा रही है कि आप अन्ना हजारे को बरगला रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "अन्ना कोई बच्चे नहीं हैं, जो मैं उन्हें बरगला रहा हूं। वह वर्षो से समाजसेवा कर रहे हैं और मैं तो पिछले पांच साल से ही उनके सम्पर्क में हूं। मुझसे पहले उन्हें कौन बरगला रहा था। सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। वह अपने अनशन के बल पर सात कानून पास करवा चुके हैं।"

इससे पहले तिहाड़ जेल से निकलने के बाद अन्ना हजारे मायापुरी से होते हुए राजघाट पहुंचे और वहां राष्ट्रपित महात्मा गांधी की समाधि पर नमन करने के बाद वे रामलीला मैदान पहुंच गए। मूसलाधार बारिश के बीच हजारों लोग अन्ना के समर्थन में दिल्ली की सड़कों पर भीगते हुए रामलीला मैदान पहुंच रहे थे। अन्ना ने रामलीला मैदान में उनका इंतजार कर रहे हजारों लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुई लड़ाकी की मशाल को बुझने न देना। अब देश को भ्रष्टाचार के चुंगल से पूरी तरह आजाद करवाना है।

इससे पहले प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर मंगलवार से अनशन पर बैठे अन्ना हजारे आज तीन दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर निकले और अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार हजारों लोगों के हुजूम के साथ रामलीला मैदान की ओर निकल पड़े। उन्होंने कहा कि अन्ना रहे या न रहे, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ यह मशाल जलती रहनी चाहिए। अन्ना ने लोगों से आह्वान भी किया कि वे राष्ट्रीय सम्पत्ति का नुकसान न करें।

अन्ना के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार सुबह संवाददातओं से कहा, "अन्ना 11 बजे तिहाड़ जेल से रामलीला मैदान के लिए निकलेंगे। पुलिस ने उनको राजघाट और रामलीला मैदान ले जाने के लिए मार्ग तय कर लिया है। वे बिल्कुल स्वस्थ हैं।"

केजरीवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वरुण गांधी संसद में लोकपाल बिल रख रहे हैं तो उन्हें खुशी है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी लोकपाल बिल को ‘प्राइवेट मेंबर बिल’ के तौर पर दो बार पेश किया जा चुका है। वरुण गांधी पेश कर रहे हैं, अच्छी बात है।

एक सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि अन्ना का स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है और अन्ना को जबरन अस्पताल ले जाना ठीक नहीं होगा। यह सवाल अन्ना पर छोड़ देना चाहिए। अन्ना की मर्जी के बगैर उन्हें अस्पताल ले जाना सही नहीं है। जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार ज्यूडिशियल अकाउंटिबिलिटी बिल को जनता की मदद से लाती है, तो हमें मंजूर है। अगर आप अपनी मर्जी से लाते हैं तो वह हमें मंजूर नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि इस आंदोलन के दौरान किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता को अन्ना के मंच पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हां, यदि कोई हमारे समर्थन में आता है तो उसका स्वागत है। केजरीवाल से यह पूछे जाने पर कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "हम किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता को मना नहीं कर रहे उनका स्वागत है। वे यहां आकर अन्य समर्थकों के बीच बैठ सकते हैं।"

केजरीवाल से जब यह पूछा गया कि सरकार आरोप लगा रही है कि आप अन्ना हजारे को बरगला रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "अन्ना कोई बच्चा नहीं हैं, जो मैं उन्हें बरगला रहा हूं। वे वर्षों से समाजसेवा कर रहे हैं और मैं तो पिछले पांच साल से ही उनके सम्पर्क में हूं। मुझसे पहले उन्हें कौन बरगला रहा था। सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। वे अपने अनशन के बल पर सात कानून पास करवा चुके हैं।"

केजरीवाल से संवाददाताओं ने जब पूछा कि क्या 15 दिन के भीतर सरकार मान जाएगी, तो उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हमें आश्वस्त किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह नियत समयसीमा को बढ़ा सकती है।

सभार - जोश 18

 

अन्‍ना समर्थकों संग गिरफ्तार

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भ्रष्‍टाचार कम करने के लिए मजबूत लोकपाल बिल की मांग को लेकर अनशन पर अड़े अन्‍ना हजारे और उनके सहयोगियों अरविंद केजरीवाल, किरन बेदी और मनीष सिसौदिया को पुलिस ने आज हिरासत में ले लिया। बेदी को राजघाट से हिरासत में लिया गया है। पूर्वी दिल्‍ली के मयूर विहार के सुप्रीम इन्‍क्‍लेव में ठहरे अन्‍ना को उस वक्‍त हिरासत में लिया गया जब वो यहां से निकलते हुए जेपी पार्क पहुंचने की तैयारी में थे। अन्‍ना और केजरीवाल को हिरासत में लेकर अलग-अलग गाडियों में सिविल लाइंस जीओएस मेस ले जाया गया है।

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सरकार से दो-दो हाथ को तैयार अन्‍ना

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कहा- जहां मुझे रोका जाएगा, वहीं से शुरू हो जाएगा अनशन

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नसीहत को अस्वीकार करते हुए गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दृढ़ता के साथ दोहराया कि सरकार कुछ भी करे लेकिन 16 अगस्त से उनका अनशन होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें जहां रोका जाएगा, वहीं अनशन शुरू कर देंगे, जेल ले जाया गया तो जेल में ही वे अनशन करेंगे।

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महंगाई कम करने को हर कदम : प्रधानमंत्री

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65वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार आम आदमी पर महंगाई के असर को लेकर चिंतित है और इसे कम करने के लिए हर सम्भव उपाय अपनाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश को दूसरी हरित क्रांति की जरूरत है। उन्होंने कहा, "हमारा देश लगातार महंगाई के चरण से गुजर रहा है। किसी भी सरकार के लिए महंगाई को कम करना एक मुख्य जिम्मेदारी होती है और हमारी सरकार इस जिम्मेदारी को समझती है।"

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शांत हो गयी याहू की आवाज

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बॉलीवुड अभिनेता शम्मी कपूर का निधन

हिन्दी सिनेमा जगत के सदाबहार अभिनेता और 1950-60 दशक के 'डांसिंग स्टार' शम्मी कपूर का रविवार सुबह मुम्बई में निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे। उनकी अंत्येष्टि सोमवार को होगी। परिजन उनके पोते विश्वप्रताप राज कपूर के अमेरिका से लौटने का इंतजार कर रहे हैं। बॉलीवुड के बहुचर्चित कपूर खानदान के सदस्य और पृथ्वीराज कपूर के बेटे शम्मी कपूर ने सुबह पांच बजे मुम्बई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। एक सप्ताह पहले ही उन्हें गुर्दा खराब होने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शम्‍मी कपूर के निधन पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित सिनेमा जगत की तमाम हस्तियों, मित्रों और परिजनों ने दु:ख व्यक्त किया है।

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गुरु के लिए रवाना हुआ जूनो

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सौरमंडल के अध्ययन के लिए विकसित किया गया अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (नासा) का खोजी यान ‘जूनो’ अपनी पांच साल की यात्रा के दौरान लगभग सोलह हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बृहस्पति ग्रह तक की टोह लेगा। यह अंतरिक्षयान मानव द्वारा निर्मित सबसे तेज चलने वाली मशीन है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि चार टन वजनी जूनो भारतीय समयानुसार रात नौ बजकर चार मिनट पर एटलस-5 रॉकेट से प्रक्षेपित किया जाएगा। इस रॉकेट पर पांच बूस्टर इंजन लगे हुए हैं और नासा के किसी भी मानवरहित अंतरिक्ष मिशन के लिए इसे बेहद दमदार समझा जाता है।


इस अंतरिक्ष यान का नाम रोमन मिथकीय देवता ‘ज्यूपिटर’ की पत्नी ‘जूनो’ के नाम पर रखा गया है। ज्यूपिटर को ही बृहस्पति के नाम से भी जाना जाता है। इस अंतरिक्षयान के जरिए तीन छोटी मूर्तियों को भी अंतरिक्ष में भेजा जा रहा है। इसमें ‘ज्यूपिटर देवता’, उसकी पत्नी ‘जूनो’ और इस ग्रह को पहली बार टेलिस्कोप के जरिए ढूंढने वाले इतालवी खगोलशास्त्री ‘गैलेलियो गैलिली’ की मूर्तियां शामिल हैं। जूनो बृहस्पति ग्रह पर जानेवाला विश्व का पहला ऐसा खोजी यान है जो सौर ऊर्जा से संचालित है। चूंकि बृहस्पति ग्रह को मिलने वाली सौर ऊर्जा पृथ्वी के मुकाबले 25 फिसदी कम है, इसलिए इस यान का निर्माण कुछ इस तरह से किया गया है कि यह कम सौर ऊर्जा से भी अपनी आवश्यकतानुसार विद्युत ऊर्जा का निर्माण कर सके।

खुले अंतरिक्ष में सूर्य से निकलने वाले विकिरण से बचाव का कोई उपाय नहीं है और इससे किसी भी अंतरिक्षयान के सोलर सेल और अन्य उपकरण आसानी से नष्ट हो सकते हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखकर जूनो के सोलर सेल इस तरह से बनाए गए हैं कि ये सौर-विकिरण को 50 फिसदी अधिक समय तक झेल पाने में सक्षम हैं। जूनो बृहस्पति ग्रह की अपनी दो अरब 80 करोड़ किलोमीटर लंबी यात्रा को पांच बरस में पूरा करने के बाद वर्ष 2016 में बृहस्पति की कक्षा में पहुंचेगा। इसके बाद यह उसकी परिक्रमा कर आंकड़े जुटाएगा। यह बृहस्पति की ध्रुवीय कक्षा में स्थापित होने वाला पहला अंतरिक्षयान होगा। एक वर्ष तक बृहस्पति का अध्ययन करने के बाद इसका मिशन पूरा हो जाएगा और यह 2017 में बृहस्पति की सतह पर गिरकर नष्ट हो जाएगा। जूनो अंतरिक्षयान अपने इस मिशन के दौरान अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से लैस होगा। इस मिशन के लिए यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से जुड़े देशों इटली, बेल्जियम और फ्रांस ने भी मदद दी है। यान में इस प्रकार के उपकरण लगाए गए हैं जो बृहस्पति ग्रह के रोजमर्रा के घटनाक्रम का पता लगाने के अलावा उसके अंतर को खंगालने का भी प्रयत्न करेंगे।

इस मिशन के दो प्रमुख उद्देश्यों में बृहस्पति पर पानी की मौजूदगी का पता लगाना और उसकी सतह के बारे में अधिक जानकारी जुटाना होगा। जूनो यह पता लगाने की भी कोशिश करेगा कि क्या बृहस्पति की आंतरिक संरचना ठोस पदार्थों से मिल कर बनी है अथवा वह गैस रूप में है। इस मिशन के जरिए वैज्ञानिक बृहस्पति के उस चुंबकीय क्षेत्र का पता लगाने का भी प्रयत्न करेंगे जो पृथ्वी के गुरुत्वबल के मुकाबले 20 हजार गुना अधिक शक्तिशाली है। बृहस्पति का अति शक्तिशाली चुम्बकीय क्षेत्र अपने आस-पास से गुजरती किसी भी बड़ी उल्का या क्षुद्र ग्रह को आसानी से अपने अंदर समा लेता है। इस तरह से बृहस्पति कई मायनों में अंतरिक्ष की बड़ी चट्टानों से पृथ्वी की रक्षा भी करता है। अपने अभियान के दौरान जूनो पिछले 300 वर्षों से बृहस्पति की सतह पर चल रहे भीषण तूफानों के बारे में भी पता लगाने की कोशिश करेगा। धरती से देखने पर यह तूफ्ना बृहस्पति की सतह पर एक बड़े लाल धब्बे के रूप में दिखता है । अंग्रेज खगोलशास्त्री राबर्ट हुक ने वर्ष 1664 में पहली बार इसका पता लगाया था।

उल्लेखनीय है कि नासा ने 1973 में ‘पायोनियर’ अंतरिक्षयान के जरिए बृहस्पति ग्रह के शोध का आगाज किया था। इसके बाद के तीन दशकों में वायजर, उल्येसिस और कैसिनी यानों ने भी इस ग्रह के वातावरण का जायजा लिया। प्लूटो क्षुद्र ग्रह के अध्ययन के लिए जानेवाले नासा के अंतरिक्ष यान ‘न्यू होराइजन्स’ ने 2007 में आवश्यक गति प्राप्त करने के लिए इस ग्रह का चक्कर लगाया था। जूनो के बाद नासा की ‘यूरोपा जूपिटर सिस्टम मिशन’ को 2020 में वहां भेजने की योजना है, जो बृहस्पति के तीन बड़े चंद्रमाओं यूरोपा, गैनिमेड और कैलिस्टो की बर्फीली सतहों का अध्ययन कर वहां पानी होने की संभावनाओं की तलाश करेगा।

 

सभार - जोश 18

नेत्रहीनों को अब राजधानी और शताब्‍दी में मिलेगी रि‍यायत

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मंदबुद्धि‍ वाले व्‍यक्‍ति‍यों को भी किराये में रियायत की घोषणा

रेल मंत्रालय ने पूर्ण रूप से नेत्रहीन और मंदबुद्धि‍के व्‍यक्‍ति‍यों के दि‍ए जाने वाले रेल कि‍राये में रि‍यायत का वि‍स्‍तार राजधानी और शताब्‍दी ट्रेनों में करने का फैसला कि‍या है। इन दोनों वर्गों के लि‍ए राजधानी और शताब्‍दी ट्रेनों के वातानुकूलि‍त तृतीय श्रेणी और वातानुकूलि‍त कुर्सीयान में रि‍यायत की दर 25 प्रति‍शत होगी ।

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तीन से छह लाख में बिका ट्रिपल आईटी का पर्चा

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प्रवेश परीक्षा कैंसिल, 8 मई को दोबारा परीक्षा

ट्रिपल आईटी का पर्चा रविवार को कानपुर से आउट हो गया. यूपी पुलिस कि सूचना पर सीबीएसई कि परीक्षा ढाई घंटे के लिए टालनी पड़ी. देश भर के 600 से अधिक केन्द्रों पर खबर लगते ही अफरातफरी मच गई. कहीं कहीं आधा घंटे बाद पेपर वापस ले लिया गया यह कहते हुए कि परीक्षा रद्द कर दी गई है. कुछ जगह समय बदल कर  नए पर्चे से परीक्षा करायी गई इसके चलते कई छात्र परीक्षा में नहीं बैठ पाए. हालाँकि बोर्ड ने 8 मई को परीक्षा दोबारा करने का निर्णय लिया है.

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झारखंड

राँची

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