डा. शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में गोरखपुर से लांच होने वाले जनसंदेश टाइम्स ने दैनिक जागरण को जोर का झटका दे दिया है। एक साथ जागरण के नौ लोगों ने संस्थान को टाटा कहकर टाइम्स का दामन थाम लिया है। माना जा रहा है कि जागरण का कुनबा तोडने में डा शैलेन्द्र ने अहम भूमिका निभाई। पूर्व में दैनिक जागरण से जुडे त्रिपाठी के बुलावे पर ये सभी लोग जनसंदेश टाइम्स में चले गए।
इसके लिए गोरखपुर जागरण के सिस्टम में भेदभाव के लगे घुन को बडा कारण बताया जा रहा है। यही वजह रही है कि बेहतर नेतृत्व मिलते ही कई लोगों ने एक साथ जागरण को टाटा बोल दिया है। जागरण छोडने वालों में विनय रंजन तिवारी, हृदयेश त्रिपाठी, सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी, सीनियर जर्नलिस्ट राजीव रंजन तिवारी, विजय कुमार उपाध्याय, गजाधर द्विवेदी, नजीर मलिक, भूपेन्द्र मणि त्रिपाठी के अलावा छायाकार राजन चतुर्वेदी शामिल है। जागरण छोडने वालों की गिनती तेजतर्रार पत्रकारों में है। इसके अलावा अब टाइम्स की निगाह अंचल के पत्रकारों पर भी टिकी हुई है। माना जा रहा है कि यहां भी जोरदार तोडफोड की तैयारी है। इन सबके लिए जागरण में नीचे से उपर तक चल रही गंदी राजनीति और भेदभाव को मुख्य कारण बताया जा रहा है।








