खबरों को लेकर एक-दूसरे से आगे निकलने की होड में सारी सीमाएं तोड देने का नया कारनामा पटना में हिन्दुस्तान ने पेश किया है। हिन्दुस्तान ने पटना संस्करण के पहले पन्ने पर बुधवार को सरकारी कर्मचारियों को डीए सात फीसदी बढ़ने की खबर को लीड बनाकर प्रकाशित किया। यह तो रही सूचना की बात लेकिन इसी खबर में अखबार ने यह भी दावा कर दिया कि राज्य कर्मियों को सात प्रतिशत अतिरिक्त डीए मिलने की खबर उसी ने ब्रेक की थी।
बाकायदा खबर में कोलाज लगाकर हिन्दुस्तान ने 14 अक्टूबर के अंक में इसे प्रकाशित करने का दावा भी कर दिया। जबकि सच्चाई यह है कि इस खबर को तीन दिन पूर्व 11 अक्टूबर के अंक में दैनिक जागरण पटना संस्करण के पहले पन्ने पर प्रकाशित कर चुका था। मजे की बात यह कि सरकारी कर्मचारियों का जुलाई से सात फीसदी डीए देने की खबर को सन्मार्ग और नवबिहार ने 14 अक्टूबर के पटना संस्करण में पहले पन्ने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। फिर स्वयं ही हिन्दुस्तान का यह दावा झूठा साबित हुआ है कि इस खबर को उसी ने ब्रेक की है।
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tarkesh kumar ojha
kharagpur(west bengal)