पत्रकार ज्योर्तिमय डे की हत्या की आरोपी पत्रकार जिगना वोरा बंद कमरें में मुकदमे की सुनवाई चाहतीं हैं। इसके लिए उन्होंने आवेदन दिया है। जिग्ना के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिकार नियंत्रणि (मकोका) कोर्ट से सुनवाई होनी है। सरकारी वकील दिलीप शाह के अनुसार जिगना ने एक अर्जी देकर इस मामले की बंद कमरे में सुनवाई किये जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सुनवाई के दौरान मीडिया को पूरी तरह से दूर रखा जाए।
जबकि मकोका के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है ही नहीं जो मीडिया पर पाबंदी लगाता हो। ‘एशियन एज’ की ब्यूरो उप प्रमुख जिग्ना को 25 नवंबर को मकोका के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन पर जेडे के बारे में जरुरी सूचनाएं हत्यारों तक पहुंचाने का आरोप है। इससे पहले पुलिस ने 3,055 पन्नों के आरोपपत्र में जिग्ना का नाम शामिल नहीं किया था। हालांकि अब तक की जांच में यह खुलासा हो चुका है कि जिग्ना ने प्रोफेशनल प्रतिद्वंद्विता के कारण अंडरवर्ल्ड को जेडे की हत्या के लिए प्रेरित किया। इस मामले में उन पर आरोप गठित होना है। पुलिस इसके लिए पूरी पुख्ता सबूत जुटा चुकी है। दूसरी ओर पुलिस सूत्र जिग्ना के दूसरे सबूतों को भी खंगाला रहे है। इसमें एक बात यह भी उभरकर सामने आयी है कि अंडरवल्ड में जिग्ना का संपर्क अबू सलेम के साथ भी बेहतर थे। उन्होंने समय-समय पर उनके लिए कुछ सामान भी दिए। अब इनकी जांच पुलिस गहराई से कर रही है।








