नई दिल्ली - सरकार संसद में ऐसा कानून ले आई है जिसके तहत बिना पंजीकरण योग गुरूओं को दस हजार से लेकर पांच लाख रुपए तक का जुर्माना भरना होगा। राज्यसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद द्वारा पेश किए गए क्लिनिकल प्रतिष्ठान पंजीकरण एवं नियमन विधेयक में जिन प्रतिष्ठानों और मान्यता प्राप्त इलाज पद्धतियों को पंजीकरण के दायरे में लाया गया है उनमें योग विद्या भी शामिल है।
इस कानून में अन्य पद्धतियों के अलावा योग को भी शामिल किया गया है और इसमें प्रावधान किया गया है इन पद्धतियों के तहत चलने वाले किसी एक व्यक्ति या व्यक्तियों के समूहों के अस्पताल, प्रसव गृह, नर्सिंग होम, डिसपेंसरी, क्लिनिक, सैनिटोरियम या संस्थानों को नेशनल कौंसिल और राज्यों में स्टेट कौंसिलों में पंजीकरण करना होगा। किसी भी प्रकार की बीमारी, विकार, असामान्यता के निदान और उपचार के काम में लगे योग एवं अन्य चिकित्सा संस्थानों या क्लिनिकल प्रतिष्ठानों को पहले अस्थायी और फिर अस्थायी पंजीकरण प्राप्त होगा। इस कानून के किसी भी प्रावधान का पहली बार उल्लंघन करने पर दस हजार रुपए तक, दूसरी बार उल्लंघन करने पर पचास हजार रुपए तक और इसके बाद कानून तोड़ने वाले पर पांच लाख रुपए तक का जुर्माना किया जाएगा।












tarkesh kumar ojha, kharagpur (west bengal)
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