- कानून को ताक पर रखकर किया गया स्थानांतरण
- अभियंता प्रमुख के निर्देश को अधीक्षण अभियंता ने दिखाया ठेंगा
- सेवानिवति के चंद माह शेष वालो को भी नहीं बख्सा
जमशेदपुर से खबर आ रही है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जमशेदपुर अंचल में नियम और कानून को ठेंगा दिखा मनमाने तरीके से स्थानांतरण का विवाद एक बार फिर से उबाल पर है। स्थापना की बैठक में अधीक्षण अभियंता डीडी शर्मा ने लिपिकों के स्थानांतरण की जो सूची जारी की है उसमें ऐसे दर्जनों लोगों को छुआ तक नहीं गया है जो एक ही स्थान पर 20 से अधिक वर्षो से जमे है। जबकि इस सूची में चंद ऐसे भी नाम शामिल कर लिये गये है जिनकों सेवानिवत होने में अब मात्र छह माह शेष रह गये थे।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जानकारों का कहना है कि स्थानांतरण में विभागीय नियमों की धज्जियां तो उडाई गई ही है अभियंता प्रमुख्ा के दिशानिर्देश का भी घोर उल्लंघन किया गया है। स्थापना की बैठक और स्थानांतरण का दिलचस्प पहलू यह है कि सूची जारी होने से पूर्व ही कई लिपिकों ने पहले ही अपने मनपसंद स्थान पर जाने की भविष्यवाणी कर दी थी। इसमें सबसे चर्चित नाम अंजनी कुमार सिन्हा का आ रहा है जिनके तबादले को लेकर पिछले साल भी पेयजल विभाग में जमकर हंगामा मचा। तब अधीक्षण अभियंता लाल मोहन साह ने स्थापना की बैठक में नियम और कानून को ताक पर रखकर स्थानांतरण किया था। तब भी एक ही स्थान पर 20 से अधिक साल से जमे लोगों को छुआ तक नहीं गया जबकि चुन-चुन कर कर्मचारियों को इधर से उधर कर दिया गया था। तबादलों पर हंगामा इतना मचा कि स्वयं अभियंता प्रमुख सज्जाद हसन तक को हस्तक्षेप करना पडा। सज्जाद हसन के हस्तक्षेप और दिशानिर्देश के बाद क्षेत्रीय मुख्य अभियंता ने स्थापना के बैठक में किये गये स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। कानून की पेचिंदगियों का आलम यह रहा कि तब से पूर्व के निर्देश के अमल पर रोक जारी रही। इधर पिछले 28 दिसम्बर को तत्कालीन अधीक्षण अभियंता डीडी शर्मा स्थापना की बैठक कर लगभग वही आधार अपनाते हुए तबादलों को अंतिम रुप दे दिया। इसे लेकर एक बार फिर से विभाग में बवाल मचा हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि अभी भी पेयजल विभाग में अभियंता प्रमुख्ा की कुर्सी पर सज्जाद हसन ही विराजमान है और उनकी मौजूदगी में दूसरी बार एक ही गलती स्थापना की बैठक में जमशेदपुर अंचल में दोहराई गई है। कर्मचारियों का कहना है स्थापना की बैठक से पूर्व ही कई कर्मचारियों ने अपने मनपसंद जगह पर जाने की घोषणा कर दी थी। इसमें अंजनी कुमार सिन्हा का नाम सबसे उपर है। अंजनी सिन्हा को मुख्यालय से जुगसलाई सब-डिविजन भेजा गया है। उधर सुभाष जिनकी सेवा अब मात्र छह माह रह गयी है उनका भी तबादला कर दिया गया है। स्थानातरण की जद में आये लिपिकों की नजर अभियंता प्रमुख पर टिकी हुई है। इसके बाद न्यायालय का शरण लेने की भी संभावनाओं विचार किया जा रहा।
20 साल से जमे है परिमल व बंगाल
पेयजल विभाग के जमशेदपुर अंचल में 20 साल से जमे बंगाल चंद टुडू और परिमल महतो को एक बार फिर वाकवर दे दिया गया है। दोनों लम्बे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए है और इन्हें कभी भी इधर से उधर नहीं किया गया। कर्मचारी यह सवाल जोरशोर से उठा रहे है कि आखिर अधीक्षण अभियंता ने वर्षो से जमे इन कर्मचारियों का नाम सूची में क्यों नहीं शामिल किया ! बताया जाता है कि दोनों कर्मचारियों की दबंगता के कारण कोई इन्हे छूने का साहस नहीं जुटा पाता। परिमल को तो परिवहन मंत्री चम्पाई सोरेन का काफी निकट माना जाता है।











