
- 2200 करोड के गोलमाल में जांच को बताया जरुरी
नई दिल्ली से खबर है कि पटियाला हाउस न्यायालय ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा को पांच दिन के रिमांड पर केंद्रीय जांच ब्योरो को सौंप दिया है। पांच दिन के रिमांड में पूर्व मंत्री के निजी सचिव आर. के. चंदोलिया और भूतपूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरिया भी शामिल है। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कथित भूमिका के लिए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता और पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। अब जिनके सीबीआई पूछताछ करने की तैयारी में जुट गई है।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले गिरफ्तार पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा और उनके दो सहयोगियों को गिरफ़तारी के बाद गुरुवार को सीबीआई ने न्यायालय में पेश किया था। राजा के साथ पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरिया और पूर्व निजी सचिव आर. के. चंदोलिया को सीबीआई की पटियाला हाउस अदालत में न्यायाधीश ओ. पी. सैनी के समक्ष पेश किया गया। सीबीआई के वकील ने न्यायालय को बताया कि तीनों आरोपी 2200 करोड़ रुपए के नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं, इसलिए इनसे एक साथ पूछताछ करना बेहद जरूरी है। सीबीआई की ओर से बताया गया कि 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में स्वान और यूनिटेक कम्पनियों को फायदा पहुंचाया गया और उसी आधार पर इन दोनों कम्पनियों ने अपना स्पेक्ट्रम अन्य कम्पनियों को बेचकर बेतहाशा लाभ कमाया। सीबीआई ने राजा और उनके सहयोगियों की पांच दिन की हिरासत की मांग की थी जिसे अदालत ने मान लिया।
इधर सीबीआई अगले 60 दिनों के भीतर तीनों आरोपियों के खिलाफ औपचारिक आरोपपत्र दायर करने की तैयारी में है। बताते चले कि नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया से देश को 58,000 करोड़ से 1.76 लाख करोड़ रुपये तक के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान व्यक्त किए जाने और राजा पर अनियमितताओं का आरोप लगने के बाद 14 नवम्बर को राजा ने पद से इस्तीफा दे दिया था।











