नई दिल्ली से खबर है कि सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि एक लाख 76 हजार करोड़ के 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच की निगरानी वह खुद करेगा। सर्वोच्च न्यायालय ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए अर्जी मंजूर कर ली है, जिसमें सीबीआई पर भरोसा नहीं जताया गया था और जांच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय से करने को कहा गया था। उधर, सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2008 में 2जी स्पेक्ट्रम के लिए लाइसेंस और वर्ष 2007 में कुछ दूरसंचार कम्पनियों को दोहरे प्रयोग की तकनीक उपलब्ध कराने में पहली नजर में गड़बड़ी के प्रमाण मिले हैं।
न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पी. जे. थॉमस और नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट से गड़बड़ी का पता चलता है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जी. एस. सिंघवी और न्यायमूर्ति ए. के. गांगुली की खंडपीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में वर्ष 2007 से विस्तृत और समन्वित जांच करने का निर्देश दिया। इससे पहले, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि एक लाख 76 हजार करोड़ के 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच की निगरानी वह खुद करेगा। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की जांच पर निगरानी की बात मानते हुए सीबीआई को जांच स्थिति रिपोर्ट समय पर न्यायालय में पेश करने को कहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि जांच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के शासनकाल वाले 2001 से लेकर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के शासनकाल वाले 2008 के बीच जो भी लाइसेंस आवंटित किए गए हैं, उसकी जांच की इजाजत दे दी गई। साथ ही सीबीआई को आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को कहा कि वह पीएसयू बैंकों की कंपनियों को लोन देने में क्या भूमिका थी इसकी भी जांच करे। न्यायालय ने साफ-साफ कहा कि सर्वोच्च न्यायालय इस नतीजे पर पहुंचा है कि 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में नियमों की अनदेखी हुई है।
गौरतलब है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने बुधवार को दिल्ली, तमिलनाडु और नोएडा में कुल 34 कार्यालयों और आवासों पर छापे मारे और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। सीबीआई के लिए ये दस्तावेज आगे की जांच में सहायक साबित होंगे।सीबीआई ने छापे की यह कार्रवाई पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा के रिश्तेदारों, कॉर्पोरेट लॉबिइस्ट नीरा राडिया और पूर्व ट्राई अधिकारी प्रदीप बैजल के आवासों और कार्यालयों पर की।











