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| डा. शुक्ला मोहंती ने चोरी की, पकड़ी गयीं |
| चोरी के सबूत |
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झारखंड से एक बड़ी खबर आयी है। पत्रकारिता की शब्दावली मे स्कूप। राज्य के उच्च शिक्षा या लेखन के इतिहास में इससे पहले शायद ही इतनी बड़ी खबर ब्रेक हुई हो। खबर यह है कि झारखंड के सबसे बड़े महिला कालेजों में से एक जमशेदपुर महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डा. शुक्ला मोहंती ने चोरी की हैं। उनकी चोरी पकड़ ली गयी है। खबरवाला डॉट कॉम को डा. मोहंती द्वारा की गयी चोरी का पूरा व पक्का प्रमाण मिल गया है।
राज्य के उच्च शिक्षा जगत में बहुत ही ताकतवर मानी जानेवालीं डा. शुक्ला मोहंती ने किस चीज की चोरी की हैं ? कोल्हान इलाके के पहले आटोनमस कालेज की इस अति ताकतवर प्राचार्या द्वारा की गयी इस चोरी पर सहसा आपको विश्वास नहीं भी हो सकता है लेकिन चोरी की घटना है सौ फीसदी सही। राज्य के उच्च शिक्षा जगत समेत पूरे लेखन क्षेत्र को स्तब्ध कर देने जा रही चोरी की घटना भी लेखन से ही जुड़ी हुई है।
तो अब हम आपको बताते हैं डा. शुक्ला मोहंती द्वारा की गयी चोरी के बारे में। उन्होंने अपने ही कालेज की एक छात्रा (संभवतः अब पूर्व छात्रा) के लेख की चोरी की है। डा. मोहंती ने उस छात्रा के पहले ही छप चुके लेख की चोरी कर उसे अपने नाम से प्रकाशित करा लिया है। डा. मोहंती ने अपने नाम से उस लेख को दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़े जानेवाले अखबार दैनिक जागरण के जमशेदपुर संस्करण में प्रकाशित कराया है।
झारखंड की स्थापना के 10 साल पूरे होने के मौके पर इसी 15 नवंबर को दैनिक जागरण के जमशेदपुर संस्करण में यह आलेश प्रक्रिशत किया गया है। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर दैनिक जागरण ने झारखंड स्थापना दिवस विशेषांक निकाला है, जिसका शीर्षक है 'दशक का सफर'। इस विशेषांक में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों की जानीमानी हस्तियों के आलेख छपे हैं। इस विशेषांक में चौथे नंबर के पेज पर डा. शुक्ला मोहंती का लेख छपा है जिसका शीर्षक है शहरों में सिमटी महिला शिक्षा। लेकिन डा. मोहंती का लेख मौलिक नहीं है। चोरी का है। दूसके के लेख को उन्होंने अपने नाम से छपवा लिया है।

दरअसल डा. मोहंती ने दैनिक जागरण में अपने नाम जो आलेख प्रकाशित कराया है वह आलेख एक पत्रिका में वर्ष 2008 में ही छप चुका है। खबरवाला डॉट कॉम के पास उपबल्ध दस्तावेजी प्रमाण के मुताबिक डा. मोहंती ने अपने नाम से जिस आलेख को दैनिक जागरण में प्रकाशित कराया है वह जमशेदपुर महिला कालेज की एक छात्रा राखी कुमारी (2007-08 ) का आलेख है जो कालेज की पत्रिका 'विदुषी' के 2008 के अंक में छपा था। जमशेदपुर महिला कालेज की इस शैक्षिक पत्रिका की प्रधान संपादक डा. शुक्ला मोहंती ही थीं। संपादकीय बोर्ड में पांच लोग शामिल थे। राखी कुमारी का तीन पेज का लेख पत्रिका के पेज नंबर 38-40 पर छपा था जिसका शीर्षक था- झारखंड में महिला शिक्षा की स्थिति। इस बार झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर रेखा कुञ्मारी के छपे आलेख की ही चोरी कर डा. शुक्ला मोहंती ने अपने नाम से प्रकाशित करा लिया है। लेख की चोरी करने के क्रम में सिर्फ शीर्षक को बदला दिया है। बाकी सामग्री पूरी तरह से वही जो रेखा कुमारी के लेख में है। यहां तक कि डाटा भी।
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चोरी के सबुत देखने के लिये पेज 2 देखें।












डा मोहंती को अपने इस अपराध के लिए शिक्षाविदों से और कम से कम जमशेदुपर की उस जनता से तो माफी मांगनी ही चाहिए, जिनके बीच वे हमेशा से अपना महिमा मंडन कराती रही है। उन कथित दलाल पत्रकारों से जिनका सीधा वास्ता दैनिक जागरण जैसे बडे अखबार से है।
पूरे मामले में दैनिक जागरण भी अब तक चुप है। जागरण के संपादक की ओर से भी अब तक खबरवाले के खुलासे पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। इससे पूरी स्थिति क्लीयर हो गयी है कि सभी एक ही थैली के चटटे बट़टे है। चाहे वह शिक्षा से जुडी डा: शुक्ला मोहंती हो चाहे पत्रकार अथवा दैनिक जागरण का स्थानीय संपादक।
यह सब क्या है, क्या यह सच है कि आपने जागरण के शिक्षा संवाददाता को ही खरीद लिया है। यह तो बडी गडबड और गलत बात है। केवल अपने को हाईलाइट करने के लिए आपने यह कदम उठाया इससे बडी शर्म की बात और कुछ नहीं। आप तो नियम और कानून को मानने की दुहाई देती है तो क्या किसी बडे संस्थान में स्थायी रुप से काम करने वाले कर्मचारी को अपने यहां पे रोल पर रखना आपको शोभा देता है। या आपने केवल अखबार को हथियान बनाने के लिए यह सब कर लिया। आपका यह आचरण न तो अनुकरणनीय है और न ही यह आपको शो भा देता है। खबरवाला के खुलासे से आपकी प्रतिष्ठा पर जो आंच आयी है उसे देखकर हम सब आश्चर्यचकित है कि आपने अब तक इसका खंडन क्यूं नहीं किया। लगता है आप भी मान गयी है कि आपसे यह भूल हुई है । लेकिन एक पत्रकार को अपने यहां पे रोल पर रखकर आपने जो नियम और कानून को हाथ में ले लिया उसका जबाव आपको कालेज प्रबंधन को देना चाहिए। ऐसा तो नहीं कि आटोनोमस कालेज हो जाने के बाद पूरा का पूरा कालेज आपकी जायदाद हो गया है । आपको इसका जबाव आज नहीं तो कल देना ही होगा।
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