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You are here: गपशप दिल खोल के... पागलपन की हद होती है

पागलपन की हद होती है

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डॉक्टर (पागल से) : तुम पागल कैसे हुए? पागल : मैंने एक विधवा से शादी की, उसकी जवान बेटी से मेरे बाप ने शादी की तो मेरी वो बेटी मेरी मां बन गई, उनके घर बेटी हुई तो वह मेरी बहन हुई, मगर मैं उसकी नानी का शौहर था, इसलिए वह मेरी नवासी भी हुई। इसी तरह मेरा बेटा अपनी दादी का भाई बन गया और मैं अपने बेटा का भांजा। और मेरा बाप मेरा दामाद बन गया और मेरा बेटा अपने दादा का साला बन गया और….

डॉक्टर : अबे चुपकर....मुझे भी पागल करेगा क्या....???

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