खबरवाला डाट काम में डा शुक्ल मोहंती द्वारा आलेख की चोरी का खुलासा होने के बाद न तो स्पष्टीकरण डा मोहंती ने दिया न ही दैनिक जागरण ने ही अपनी आरे से कोई खंडन किया। इससे स्पष्ट हो गया है कि यह खुलासा सही था डा: शुक्ला मोहंती ने आलेख की चोरी की है।
दैनिक जागरण अखबार और उससे जुडे पत्रकार ब्रजेश कुमार मिश्र की भूमिका पूरे मामले में संदिग्ध बनी रही है। इससे यह क्लीयर हो गया है कि हमाम में सभी नंगे है। चाहे वह शिक्षा से जुडी डा: शुक्ला मोहंती हो चाहे पत्रकार ब्रजेश अथवा दैनिक जागरण का संपादक । सभी ने मिलकर एक बडी चूक को यूं पचा लिया मानो खानाकर पचा रहे हो। छात्रा के आलेख चोरी पर जिस तरह जमशेदपुर के शिक्षाविदों ने चुप्पी साध ली है वह तो उससे अधिक हस्यासस्पद है। खासकर दैनिक जागरण के से जुडे डा बच्च्पन पाठक सलील जी। बधाई के पत्र है जमशेदपुर की मीडिया और शिक्षाविद। यह कैंसर है जो एक दिन समाज पर सीधा असर करेगा और तब समुद्र की तरह बडी मछलिया छोटी मछली को सरेआम निगल जाएगी। डा मोहंती की तरह।
कमलेश कुमार, रांची












पतरकारिता का काम वसूलों के लिए लडना हे ना की पेसे नाम कमाना और महिमा मंडित करना।