डॉक्टर (पागल से) : तुम पागल कैसे हुए? पागल : मैंने एक विधवा से शादी की, उसकी जवान बेटी से मेरे बाप ने शादी की तो मेरी वो बेटी मेरी मां बन गई, उनके घर बेटी हुई तो वह मेरी बहन हुई, मगर मैं उसकी नानी का शौहर था, इसलिए वह मेरी नवासी भी हुई। इसी तरह मेरा बेटा अपनी दादी का भाई बन गया और मैं अपने बेटा का भांजा। और मेरा बाप मेरा दामाद बन गया और मेरा बेटा अपने दादा का साला बन गया और….
डॉक्टर : अबे चुपकर....मुझे भी पागल करेगा क्या....???
गपशप
पागलपन की हद होती है
- Tuesday, 13 December 2011
- News Desk
दिल की बात जाननी है तो पैर देखें
- Monday, 04 July 2011
- News Desk
सामने वाले के दिल में आपके लिए प्यार और चाहत है या नहीं, यह जानने के लिए उसकी आंखों की गहराई में उतरने की जरूरत कतई नहीं। आप उसके पैरों की हरकत देखकर भी हाल-ए-दिल जान सकते हैं। बशर्ते आप इन संकेतों को पकड़ पा रहे हों।
हमाम में सभी नंगे है
- Friday, 03 December 2010
- News Desk
खबरवाला डाट काम में डा शुक्ल मोहंती द्वारा आलेख की चोरी का खुलासा होने के बाद न तो स्पष्टीकरण डा मोहंती ने दिया न ही दैनिक जागरण ने ही अपनी आरे से कोई खंडन किया। इससे स्पष्ट हो गया है कि यह खुलासा सही था डा: शुक्ला मोहंती ने आलेख की चोरी की है।
सबसे बडी खबर
- Thursday, 25 November 2010
- News Desk
अकबर ने बीरबल से पूछा
....बीरबल महत्वपूर्ण खबर की परिभाषा बताओ ?
बीरबल....किसी संस्थान में काम करने वाले रिपोर्टर से जो खबर छूट जाए....वह खबर दूसरे अखबार में छप जाए....भले ही वह खबर चिरकुट ही क्यों ना हो.... जहांपनाह वही महत्वपूर्ण खबर है....
प्रेस की जमीन पर फसल काटता मीडिया
- Tuesday, 23 November 2010
- News Desk
भारत में प्रेस को संविधान का चौथा खंभा होने का दर्जा हासिल है। प्रेस हमारे यहां आजादी का एक पर्याय भी है। देश जब गुलाम था उस दौर से ही आजादी का सपना देखने वाले लोगों ने प्रेस को साथी बनाया। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मान देने वाले इस मुल्क में प्रेस को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के माध्यम होने का गौरव हासिल है। कुछ साल पहले जब भारत मे मीडिया का फैशन शुरू नहीं हुआ था उस दौर तक प्रेस एक सम्मानजनक कर्तव्य हुआ करता था। इससे वे लोग जुड़ते थे जो सरोकारों से लबरेज होते थे।





बडा खुलासा जल्द ... 





