अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय की सुरक्षा बढ़ायी गयी
धमकी के पीछे की साजिश की जांच शुरू
जमशेदपुर से एक बहुत बड़ी ख्रबर आ रही है। वहां स्थित टाटा घराने की सबसे बड़ी कंपनी टाटा स्टील की मान्यता प्राप्त यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय के घर में घुसकर पिस्तौल चमका कर धमकी दी गयी है। इस घटना में पांडेय को शारीरिक रूप से कुछ नहीं हुआ है पर मानसिक रूप से गहरा असर हुआ है। इसकी धमक मुंबई तक सुनाई पड़ रही है। टाटा घराने के मुंबई स्थित मुख्यालय तक में सनसनी है और इस बार में लगातार जमशेदपुर से संपर्क बनाये रखने की बात कही जा रही है।
रघुनाथ पांडेय टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष हैं। यह यूनियन देश के सबसे बड़ी, धनी व प्रभावशाली मजदूर संगठनों से एक है। इस घटना से टाटा घराने में इसलिए भी सनसनी है क्योंकि 1993 में टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष वीजी गोपाल की हत्या यूनियन के बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में की जा चुकी है। तब से इस यूनियन के जितने भी अध्यक्ष बने, हर किसी को कंपनी के अलावा सरकार से भी सुरक्षा गार्ड मिला हुआ है। वीजी गोपाल की हत्या के बाद एसके बेंजमिन अध्यक्ष बने थे। उसके बाद आरबीबी सिंह को ताज मिला था। अब रघुनाथ पांडेय इसके अध्यक्ष हैं।
घटना गुरुवार की रात की है। पांडेय के घर पर जाकर पिस्तौल चमकानेवाला अमरनाथ ठाकुर नामक व्यक्ति उनकी यूनियन का ही कमेटी मेंबर है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पांडेय के आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। दो बंदूकधारी जवानों की ड्यिूटी शुक्रवार की सुबह से ही लगा दी गयी है।
जिस रात को घटना हुई, उस रात झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी जमशेदपुर में ही थे। घटना से थोड़ी ही देर पहले पांडेय टीम इंडिया के खिलाड़ी सौरभ तिवारी के जन्म दिन समारोह में शिरकत तक लौटे थे। सौरभ भी जमशेदपुर के ही हैं और टाटा स्टील से ही जुड़े हुए हैं। उनके जन्म दिन समारोह में टाटा स्टील के एमडी एचएम नेरुरकर ने भी शिरकत की थी।
भक्षक बना ठाकुर : रघुनाथ पांडेय के घर पर पिस्तौल चमकानेवाले कमेटी मेंबर के बारे में कहा जा रहा है कि वह अपने अध्यक्ष के लिए भक्षक बन गया क्योंकि उसपर पांडेय की विशेष कृपा रही है। आदित्यपुर लाइन उसपार के निवासी अमरनाथ ठाकुर के बारे में कहा जा रहा है कि उसकी पत्नी को टाटा स्टील के ही केएमपीएम इंटर कालेज में लेक्कचरर की नौकरी दिलाने में रघुनाथ के आशीर्वाद ने भी बड़ी भूमिका निभायी थी। इसके अलावा यूनियन अध्यक्ष के कृपा मिलने के बाद की उसे बिष्टुपुर ओसी रोड में बड़ा क्वाटर भी मिल सका था। अमरनाथ को जो एच 6 क्वार्टर मिला, वह आम तौर पर काफी सीनियर कर्मचारियों को ही मिल पाता है। यही नहीं, कहा तो यह भी जा रहा है कि उसके परिवार के एक सदस्य को बाहर भेजवाकर इलाज कराने में भी रघुनाथ ने निजी तौर पर दिलचस्पी ली थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों अमरनाथ ठाकुर भक्षक बन गया अपने रक्षक की भूमिका निभानेवाले अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय के लिए? इस सवाल को भी जांच के दायरे में लाये जाने की बात कही जा रही है।
दबंग की शोहबत में आगे बढ़ा है अमरनाथ ठाकुर : 1980 के दशक के टाटा स्टील के केएमपीएम हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास करनेवाला अमरनाथ टाकुर एक मैथिली भाषी परिवार से आता है। स्कूल के ही दिनों में उसकी संगत आदित्यपुर के एक बाहुबली नेता से हो गयी। इस बाहुबली नेता की 1980-90 के दिनों में खूब चलती थी और अपने लड़कों को टाटा की अप्रेंटिस में दाखिला करा देना इनके लिए आसान हुआ करता था। इसी के बाद अमरनाथ का भी टाटा अप्रेटिंस में दाखिला हो गया। इस बाहुबली नेता के स्टोटिंग ग्लब से जुड़े कई लड़के टाटा की अप्रेटिंस कर आज टाटा यूनियन में कमेटी मेंबर हैं या रह चुके हैं। जबकि दबंग नेताजी भी विधायक बन चुके हैं। पहली बार नहीं, तीसरी बार।
अमरनाथ ठाकुर के बारे में यह भी जानकारी मिली है कि वह अक्सर बिष्टुपुर में अपने कुछ साथियों के साथ शाम में अड्डा मारता रहा है। क्यू रोड स्थित क्लब हाउस में दो दिन पहले भी लिट्टी पार्टी का आयोजन किया था। खाने-पीने का दौर उस दिन भी चला था। अक्सर चलती ही रहता है। जांच के दायरे में यह सवाल भी आ रहा कि वह किसी सुनियोजित साजिश के तहत पिस्तौल लेकर रघुनाथ पांडेय के घर पर चमकाने चला गया था या नशे की हालत ने उसे ऐसा करने को मजबूर कर दिया था? सवाल यह भी उठ रहा कि उसके साथ प्राय: हर शाम को खाने-पीने का दौर चलानेवाले कतिपय कमेटी मेंबरों या पूर्व कमेटी मेंबरें या अन्य लोगों की भी इसमें कोई भूमिका है क्या?
बहरहाल पूरे जमशेदपुर में इस घटना की चर्चा है। रघुनाथ पांडेय के घर पर लोगों का रेला लगा हुआ है। शहर के हर तबके के लोगों में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं कारपोरेट जगत में सनसनी फैली हुई है।
(इस घटना पर कोई अन्य जानकारी, टिप्पणी या प्रतिक्रिया है तो आप भेज सकते हैं। हम उसका स्वागत करेंगे। कोई खंडन-मंडन भी हो तो उसे भी भेजीएिगा। उसे भी जस का तस प्रकाशित किया जाएगा। यदि आप अपने नाम या परिचय का खुलासा नहीं करना चाहते तो उसे पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। )
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