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जमशेदपुर एक परिचय

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आज  से ठीक 103 साल पहले टाटा आयरन एंड स्टील क कंपनी की स्थापना करनेवाले जमशेदजी  नसरवानजी टाटा ने साकची कालीमाटी में विश्व स्तर का एक शहर बनाने की परिकल्पना की थी, आज वही साकची कालीमटी हमारे सामने स्टील सिटी जमशेदपुर के रूप में है। 1919 में इस शहर  का नाम जमशेदपुर हुआ जिसे रेलवे में हम टाटानगर के नाम से जानते हैं। साकची कालीमाटी को जमशेदपुर नाम लार्ड चेम्स फोर्ड ने दिया था। झारखंड राज्य के छोटानागपुर पठार के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित इस शहर को राज्य की औद्योगिक राजधानी भी कहा जाता है।

 जमशेदपुर की गिनती देश के सबसे साफ सुधरे व हरे भरे कास्मोपालिटन शहरों में से एक के रूप में की जाती है। इसी वजह से इन शहर को अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा भी मिली है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसे ग्लोबल कंपैक्ट सिटी के रूप मेे चुना है। जबकि भारत सरकार ने इसे देश के उन 64 चुुनिंदा शहरों में चुना गया है जिन्हें  जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय पुनरूत्थान मिशन के तहत विकसित किया जाना है। खूबसूरत दलमा पहाडिय़ों से  घिरे इस शहर के  उत्तर व पश्चिम में क्रमश: स्वर्णरेखा व खरकई नदियां बहती हैं। अपनी स्वच्छता व हरियाली के चलते ही इस स्टील सिटी को क्लिन सिटी व ग्रीन सिटी भी कहा जाता है। यहां की चौड़ी  चौड़ी सड़कों व साफ सुथरे रिहायशी इलाकों को देखर ही यह मान्यता स्थापित हो चुकी है कि एक बार जो इस शहरमे आता है यहां का होकर रह जाता है। शहर का तेजी से हो रहा विस्तार इसका प्रमाण है।
स्टील उत्पादक कंपनी टाटा स्टील (पहले नाम टिस्को), वाहन उत्पादन  कंपनी टाटा मोटर्स (पहले नाम टेल्को), टिनप्लेट, टाटा पावर, टायो रोल्स, लाफार्ज समेत अनेक छोड़ी-बड़ी कंपनियां यहां स्थित हैं। पड़ोस में स्थित आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की हजारों छोटी व मझोली इकाइयां भी इन्हीं बड़ी कंपनियों के सहारे टिकी हैं। विश्वस्तर के प्रबंधन  स्कूल, जेबियर लेबर रिलेशन इंस्टीच्यूट (एक्सएलआरआई), देश स्तर के इंजीनियरिंग  कालेज नेशनल इंस्टीच्यूट आफ टेक्नालाजी (एनआईटी), जिसका पहले नाम रिजनल इंस्टीच्यूट आफ टेक्नालाजी (आरआईटी) था, से भी इसे नयी पहचान मिली है। यहां पर विश्व स्तर का क्रिकेट मैदान कीनन स्टेडियम भी है जहां पर कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हो चुके हैं। कला व संस्कृति के कई प्रमुख केन्द्र शहर में हैं। जमशेदपुर की मुख्य भाषा हिन्दी है। हालांकि यहां अंग्रेजी बोलनेवालों की भी कमी नहीं है। दूसरी भाषाओं मसलन बांग्ला व उडिय़ा का भी अच्छा असर है। यहां का प्रमुख त्योहार दुर्गा पूजा है। वैसे लघु भारत की पहचान रखनेवाले इस शहर में हर प्रांत के पर्व - त्योहार उत्साह के साथ मनाये जाते हैं। सभी भाषा-भाषी व हर धर्म को मानने वाले यहां रहते हैं।
दर्शनीय स्थल
जुबिली पार्र्क : शहर  के हृदय स्थल में स्थित  इस पार्र्क को टाटा स्टील कंपनी (तब नाम टिस्को) ने अपनी स्थापना के स्वर्ण जयंती साल में शहर वासियों को तोहफेे के रूप में दिया था। एकमार्च 1958 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री  जवाहर लाल नेहरू ने  इसे देश को समर्पित किया था। जबरदस्त हरियाली व काफी करीने से बनाये गये इस पार्र्क का क्षेत्रफल 237.75 एकड़ है। सीढ़ीनुमा तरीके से विकसित किये गये इस पार्र्क की  खूबसूरती देखते ही बनती है। छोटे तौर पर यह मैसूर के विश्वविख्यात मैसूर गार्डेन का अक्स दिखता है। यहां का रोज गार्डेन दिल्ली के मुगल गार्डेन की याद दिलाता है। पार्क के मध्य में बना तीन रंगों वाला फौव्वारा सबसे आकर्षण का केन्द्र है। हर रविवार व मंगलवार को यह फाउंटेन (फौव्वारा) शाम में चालू होने पर जबरदस्त आकर्षण का केन्द्र बनता है। वैसे तो हर साल तीन मार्च को शहर के संस्थापक जेएन टाटा की जयंती के मौके पर करीब एक सप्ताह के लिए पार्क में खास तौर पर लाइटिंग की जाती है जिसे देखने के लिए हर रोज भारी संख्या में लोग उमड़ते हैं। लेकिन पूरे साल भर भी इसके देखने आनेवालों की संख्या कम नहीं रहती। पार्क में प्रवेश पर कोई शुल्क नहींलगता है। शहर में आने वाला हर व्यक्ति इसकी खूबसूरती से दीदार करना नहीं भूलता। इस पार्र्क में उपवन नामक एक पिकनिक स्थल है जहां पर नवंबर से फरवरी तकपर्यटकों की भारी भीड़ लगती है।
जयंती सरोवर : जुुबिली पार्क में 40 एकड़ में  फैला एक विशाल तालाब भी है जिसे जयंती सरोवर नाम दिया गया है। इसमे वोटिंग की  व्यवस्था है। तालाब के बीचोबीच एक बहुत ही सुंदर टापू है। इसे और भी विकसित करने की तैयारी चल रही है। तालाब में बिजली संचालित नौका को चलाने की योजना है।
जुलोजिकल पार्क : जुुबिली पार्र्क के अंदर टाटा स्टील द्वारा एकचिडिय़ा घर बनवाया गया है। विभिन्न तरह के पशु व पक्षी यहां पर प्राकृतिक रूप में रखे गये हैं। प्रकृति प्रेमी हर रोज यहां बड़ी संख्या में इन पशुओं को देखने जुटते हैं। पार्क में एक सफारी पार्क भी है जिसके द्वारा  जानवरों को प्राकृतिक परिवेश में देखा जा सकता है। पार्क सोमवार को बंद रहता है। इस दिन को छोड़कर हर रोज दिन में 11 बजे से लेकर शाम तक यह खुला रहता है। इसमें प्रवेश के लिए टिकट लेना पडता है। वयस्क के लिए 10 रुपये  व  बच्चा के लिए पांच रुपये का टिकट लेना पड़ता है। जुुुबिली पार्क व जू में हर सुबह बड़ी संख्या में लोग टहलने या व्यायाम करने भी आते हैं। 
एम्यूजमेंट पार्क : शहर के मनोरंजन के क्षेत्र में नयी परिभाषा देने वाले इस पार्क की स्थापना टाटा स्टील ने बच्चों को खास उपहार देने के उद्देश्य से की। इसमें मौजूद मनोरंजन के साधन अभी तक सिर्फ महानगरों में ही उपलब्ध थे। इसमें तरह तरह के मनोरंजन के साधन बच्चों को काफी लुभाते हैं। पानी से जुड़े कई खेल तो यहां हैं ही कई दूसरे साहसिक खेल भी हैं। 7.5 एकड़ में फैले इस पार्क में वाटर कोस्टर, स्ट्राइकिंग कार, पाइरेट शिप, मून रेफर, टिल्ट एंड राइड, मिनी ट्रेन, कैटर पिलर, पैडल वोट, टाइटेनिक व टम्मबर टोजर आदि का मजा बच्चे खूब उठाते हैं। इस पार्क मे प्रवेश टिकट का मूल्य 25 रुपये है।
लेजर व मयूजिकल फाउंटेन : जुबिली पार्क में ही बना यह फाउंटेन झिमिलाती रोशनी व संगीतमय फौव्वारों का अनूठा संगम है। भारत में अपने आप में यह पहला फाउंटेन है। सिंगापुर के सेंतोजा द्वीप के  फाउंटेन से प्रेरित होकर इसे बनाया गया है। रंगीन प्रकाश किरणों एंव 96 विविध वाटर जेट का मिला जुला प्रदर्शन मन को सम्मोहित कर देता है। सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, शनिवार व रविवार को शाम 6.30 से 7.30 तक इसके प्रदर्शन का आनंद लिया जा सकता  है। टिकट दर 25 रुपये प्रति व्यक्ति है। सर दोराबदी टाटा पार्क : कीनन स्टेडियम के  सामने स्थित यह पार्क है तो छोटा पर बहुत ही मनोरम है। संस्थापक जेएन टाटा से सबसे बड़े पुत्र के नाम पर बने इस पार्क में हर साल पुष्प प्रदर्शनी लगती है। 
दोमुहानी : सोनारी में स्थित यह स्थान दो नदियों खरकई व स्वर्णरेखा का संगन होने के कारण दर्शनीय बन गया है। यहां से सूर्यास्त को देखना बड़ा ही रोमांचक अनुभव होता है। साल के बड़े बड़े पेड़ों से भरा जंगल एक अच्छा पर्यटन स्थल है। यहां पर हर साल मेला लगता है। दोनों नदियों से ही मुख्य रूप से शहर को पानी मिलता है। कहा जाता है कि दोमुहानी से ही शहर को देखने के बाद जेएन टाटा ने सीनी की जगह साकची कालीमाटी में ही टिस्को की स्थापना का निर्णय लिया था।
हुडको लेक: टाटा मोटर्स के टेल्को टाउनशिप में स्थित यह लेक भी शहर का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। यहां पर जाने से प्रकृति के आगोश में चले जाने की अनुभूति होती है। यहां की पहाड़ी की चोटी से देखने पर शहर का विहंगम तस्वीर नजर आती है। शहर पहले ग्रीन सिटी नजर आता है फिर स्टील सिटी। चोटी से टाटा स्टील से लेकर टाटा मोटर्स, टाटा पावर व लाफार्ज जैसी कंपनियों को आसानी से देखा जा सकता है। सर्दी के मौसम में इस लेक पर हर रोज पिकनिक मनाने वालों की भीड़ लगी रहती है। शहर में आनेवाला हर पर्यटक इसे जरूर देखता है।
डिमना लेक: शहर से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह लेक दलमा पहाडिय़ों की तलहटी में है। इसका नजारा बहुत ही मनोरम है। टाटा स्टील और कंपनी टाउनशिप के पानी की आपूर्ति इसी लेक से की जाता है। यहां पर कंपनी से गेस्ट हाउस भी बना रखा है। हर साल नवंबर से मार्च तक यहां दूसरे राज्यों से भी हर दिन

सैकड़ों पर्यटक आते हैं।
दलमा वाइल्ड लाइफ सैंचुरी : समुद्र तल से करीब तीन हजार फीट की उंचाई पर स्थित दलमा पहाडिय़ो के 193 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस वन्य प्राणी आश्रयणी में कभी बाघ व चीते भी मिलते थे। लेकिन आज यह हाथियों के प्रमुख शरण स्थली के रूप में जाना जाता है। वैसे कई दूसरे छोटे बड़े जानवर यहां पाये जाते हैं। यहां के घने जंगल के बीच पहाड़ी में असंख्य छोटी -छोटी गुफाएं हैं जिनमें जानवरों को छिपा हुआ देखा जा सकता है। यहां की चोटी पर से रात को आसमान को देखने का तो अनुभव ही अलग होता है। लगता है कि साक्षात आकाश में पहुंच गये हैं। असंख्य तारों को टिमटिमाता देखने का अनुभव ही अलग प्रकार का होता है। स्टील  सिटी की गर्मी में  दलमा प्राकृतिक एयर कंडीशनर का काम करता है। शहर के लोगोंं को ताजा आक्सीजन मुहैय्या कराने में इसकी अहम भूमिका रहती है। 1975 में संजय गांधी के हाथों उद्घाटित इस सैंचुरी में पहाड़ी की चोटी पर टाटा स्टील व वन विभाग का बहुत ही अच्छा गेस्ट हाउस है। इसके अलावा चोटी पर ही एक अति प्राचीन शिव मंदिर भी है जिसकी देख रेख नागा साधु करते हैं। इस मंदिर में महाशिवरात्रि को सैकड़ों की संख्या में भक्त आते हैं।
साकची : शहर का हृदय स्थल यही है। शहर के प्रमुख बाजार होने के साथ साथ यह एक अच्छा आवासीय इलाका भी है। कई अच्छे होटल व रेस्तरां तो यहां हैं ही, नये नये शो रूम भी इसी इलाके में ज्यादा खुल रहे हैं। शहर का दूसरा सबसे बड़ा मैदान आम बगान मैदान यहींपर है। यहां के बाजार में पूरे दिन तक चहल पहल रहती  है। शहर से प्रकाशित होनेवाले अखबारों प्रभात खबर, हिन्दुस्तान व आज के दफ्तर यहीं पर हैं। 
बिष्टुपुर : स्टील सिटी का पाश बाजार यहीं पर है। मध्यम व उच्च मध्यम वर्ग के ज्यादातर लोग इसी बाजार में खरीदारी को प्राथमिकता देते हैं। शाम के वक्त तो इस बाजार की रौनक देखते ही बनती है। यह एक पाश रिहायसी इलाका भी है। यहां शहर का सबसे बड़ा व खूबसूरत मैदान रीगल ग्राउंड (गोपाल मैदान) स्थित है। इसके अलावा शो रूम, होटल व रेस्तारां की तो भरमार है ही।
जुगसलाई : टाटा नगर रेलवे स्टेशन के बिल्कुल करीब यह इलाका गैर कंपनी क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है जहां नागरिक सुुविधाएं नगर पालिका द्वारा प्रदान की जाती है। यह शहर समेत आस पास के इलाकों का प्रमुख थोक बाजार है। यहां मारवाड़ी समाज के लोगों की अच्छी संख्या हैं। शहर के पहले हिन्दी दैनिक 'उदितवाणीÓ का प्रकाशन यहीं से होता है। यह इलाका शहर और आसपास के इलाकों के लिए थोक मार्केट की भी पहचान रखता है। पटाखा का व्यवसाय मुख्य रूप से यहीं होता है। इसके अलावा कपड़ा के थोक बाजार के रूप में यह जाना जाता है।
गोलमुरी: दी टिन प्लेट कंपनी आफ इंडिया यही पर है। इसके अलावा शहर के मध्य में होने के कारण यहां पर अच्छा बाजार भी है। शहर का पहले एयर कंडीशंड मार्केट आकाश दीप प्लाजा भी यहीं पर है। इसके अलावा सर्कस मैदान व दूर दर्शन का रिले टावर भी यहीं पर स्थित है। यहां का सर्कस मैदान शहर के तीन सबसे बड़े मैदानों में एक है।
कदमा: टाटा स्टील कंपनी के कर्मचारियों निवास का प्रमुख केन्द्र। कई कालोनी व फ्लैट्स मौजूद हैं। यहीं पर प्राचीन रंकिणी मंदिर है। यहां एक अच्छा सा बाजार भी है।  इससे सटा इलाका उलियान भी काफी विकसित हो चुका है। इसके अलावा रामजन्म नगर, श्यामनगर, और रामनगर जैसे इलाके भी इससे जुड़े हुए हैं। भाटिया पार्क यहां का प्रमुख पार्क है। शास्त्रीनगर आवासीय क्षेत्र भी इसी से जुड़ा हुआ है। शहीद निर्मल महतो का पैतृक आवास और समाधि भी कदमा उलियान में ही है। मौसम केन्द्र भी यहीं पर है।
सोनारी: शहर के हवाई अड्डा समेत प्रमुख रिहायसी कालोनियां यहां पर हैं। बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है। साथ में मैरिन डाइव बन जाने से इसका विकास नये अंदाज में हो रहा है। खूंटाडीह, कागलनगर, वेस्टलेआउट, खरकाई इन्क्ेलव, भारत सेवाश्रम संघ, संगम विहार, पुरानी बस्ती, दोमुहानी, आदर्शनगर, गुदड़ी बाजार, मौनी बाबा आश्रम जैसे इलाके इसी में आते हैं।
नार्दर्न टाउन: टाटा स्टील के आला अधिकारियों समेत बड़े अफसरों के आवास इसी इलाके में हैं। यहां पर शहर के कई प्रमुख स्कूल हैं।
सर्किट हाउस एरिया: शहर के सबसे पाश इलाके के रूप में इसे जाना जाता है। जिला प्रशासन के कई बड़े अफसर तो यहां रहते ही हैं साथ ही विश्व स्तर का प्रबंधन स्कूल एक्सएलआरआई भी यहीं पर स्थित है। आर्मी कैैंप भी यहीं पर है।  चर्चित सिने निर्देशक प्रकाश झा इस इलाके में अपना मल्टीप्लेक्स बनाने की योजना पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
बिरसानगर : प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के नाम पर बसी यह बस्ती शहर की सबसे बड़ी आवासीय कालोनी है। समीप में स्थित बारीडीह में कंपनी के क्वार्टर व बाजार है तो दूसरी ओर टाटा मोटर्स का टाउनशिप टेल्को है। यह एक ओर बारीडीह से सटा है तो दूसरी ओर टेल्को टाउनशिप से। बड़े-बड़े भूखंड पर बने आलीशान घर इस इलाके की भव्यता को बढ़ाते हैं। यहां का चर्च भी काफी प्रमुख है तो पहाड़ी पर स्थित भुवनेश्वरी मंदिर की महिमा तो दूर-दूर तक फैली हुई है।
मानगो: स्वर्णरेखा नदी के उस पार स्थित यह इलाका शहर का सबसे तेजी से विकसित होनेवाला क्षेत्र है। यहां पर नागरिक सुविधाएं सरकार व मानगो अधिसूचित क्षेत्र समिति द्वारा दी जाती है। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कालेज यहीं पर है। राष्ट्रीय उच्च पथ 33 मानगो से ही होकर गुजरता है। हाल के दिनों में यहां तेजी से आवासीय कालोनियां विकसित की जा रही हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज यहीं पर स्थित है। इसके अलावा फार्मेसी कॉलेज, डेंटल कॉलेज समेत इंजीनियरिंग और प्रबंधन कॉलेज भी इस इलाके में स्थापित किये जा रहे हैं। शहर का पहला शापिंग मॉल विशाल मेगा मार्ट भी यहीं पर खुला है। मानगो में दो अतिव्यस्त सड़कें हैं-मेन रोड और डिमना रोड। मेन रोड पर पायल सिनेमा, गांधी मैदान और मानगो थाना स्थित है। जबकि डिमना रोड पर दैनिक जागरण का दफ्तर समेत ट्रांसपोर्टनगर स्थित है। वाटिका ग्रीन सिटी, मून सिटी, पोस्टआफिस रोड, बैकुंठ नगर, सुभाष कॉलोनी, शंकोसाई, उलीडीह, कालिकानगर, संजय पथ, चेक पोस्ट और सुमन होटल आदि भी डिमना रोड पर स्थित है। हिलव्यू कॉलोनी, पंचवटी नगर (कॉलोनी), शिरोमण नगर और आशियाना इन्क्लेव भी इसी रोड पर अवस्थित है। राष्ट्रीय उच्च पथ-33 भी मानगो होकर गुजरता है जिसपर वसुंधरा नगर, आशियाना सनसिटी, सहारा सिटी, वास्तु विहार, आनंद विहार जैसी नयी आवासीय कॉलोनियां और सिटी इन जैसा स्टार होटल स्थित है।
आदित्यपुर: खरकई पुल के जरिये यह शहर से ही जुड़ा हुआ है। वैसे यह सरायकेला- खरसांवा जिले में पड़ता है। यहां सैकड़ों की संख्या में चोटी व मझोली इकाइयां हैं। यह औद्योगिक क्षेत्र एशिया में सबसे बड़ा है। आकाशवाणी केन्द्र से लेकर एनआईटी तक तो यहां पर हैं ही। आदित्यपुर का हृदयस्थल शेर-ए-पंजाब चौक है। यह इलाके का प्रमुख बाजार भी है। इसके अलावा पान दुकान चौक का इलाका भी तेजी से बाजार में परिवर्तित हो रहा है। इसके पास ही न्यू हाउसिंग कॉलोनी भी विकसित हो रही है। आदित्यपुर एक बड़ा इलाका लाइन उस पार है। यह मुख्य रूप से हाउसिंग कॉलोनी है। वैसे प्राइवेट कॉलोनियां भी यहां बस रही हैं। सहारा सिटी जैसे बिल्डर भी इस इलाके में अपना प्रोजेक्ट जोर-शोर से पूरा करने में लगे हुए हैं। आरआईअी थाना भी लाइन उस पार के इलाके में स्थित है। पूरा क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है।
                     
          शहर के बाजार
साकची: यह लौहनगरी का केन्द्र है। पूरे शहर के अलावा आसपास के इलाकों से भी यहां खरीदारी करने आते हैैं।
बिष्टूपुर: यह अपेक्षाकृत पाश बाजार है। आभूषण दुकानों  लेकर होटल व रेस्तरां यहां पर हैं। शाम में यहां पर जबरदस्त रौनक रहती है।
अमर मार्केट : बिष्टूपुर में ही कमानी सेंटर के पास स्थित इस बाजार में युवाओं  के नवीनतम फैशन व जूते चप्पल मिलते हैं।
जवाहर मार्केट : शहर का यह सबसे प्रमुख ग्रे मार्केट है। इलेक्ट्रानिक्स सामान, सीडी व वीडियो गेम्स के लिए इसकी खास पहचान है।
गोलमुरी:   टिनप्लेट: अनाज व खद्यान सामानों के लिए यह सबसे बड़ी होल सेल मार्केट है। इसके अलावा शहर के मध्य वाले इलाकों के लिए यह अच्छा बाजार है।
प्लाजा मार्केट : टाटा मोटर्स के टाउनशिप टेल्को में स्थित इस बाजार में मुख्य रूप से कंपनी कर्मी ही आते हैं।
आजाद मार्केट : टेल्को टाउनशिप में ही स्थित यह बाजार कंपनी कर्मियों की ही सेवा करते है जो आस पास के इलाके में रहते हैं।
बिरसानगर बाजार : हर रविवार को लगनेवाले अपने बाजार, जिसे संडे मार्केट के नाम से जाना जाता है, के लिए यह खास तौर पर जाना जाता है। बाजार में हरी सब्जी को बेचनेवाले तो दूर दूर से आते ही हैं। साथ ही हर सामान की बिक्री यहां होती है।
परसूड़ीह मार्केट -करनडीह मार्केट : शहर से हाता जाने की राह पर स्थित यह इलाका भी आसपास के क्षेत्रों के लिए एक बड़ा बाजार है। कृषि उत्पादन बाजार समिति तो यहां है ही। इसके अलावा परसुडीह बाजार भी प्रमुख है।
एक्सएलआरआई, सर्किट हाउस एरिया
जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज, सर्किट हाउस एरिया, ज
जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज, मानगो पुल के पास मानगो
एबीएम कॉलेज, सर्कस मैदान के पास गोलमुरी
ग्रेजुएट कॉलेज, साकची थाना के सामने साकची
जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज, बिष्टïुपुर
एलबीएसएम कॉलेज, करनडीह/परसुडीह
को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज, सर्किट हाउस एरिया
एनआईटी : आदित्यपुर
लॉयला स्कूल : बेल्डीह क्लब के पास, सर्किट हाउस एरिया
सेक्रेड हार्ट कान्वेंट स्कूल : कीनन स्टेडियम के पास, नार्दन टाउन
राजेन्द्र विद्यालय : गरमनाला, साकची
जूनियर कारमेल कॉलेज : बाल विहार के पास सोनारी
मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल : बोधी टेम्पल के पास, साकची, गरमनाला
श्रीकृष्ण सिन्हा पब्लिक स्कूल : आदित्यपुर मोड़़ के पास बिष्टïुपुर
केरला समाजम मॉडल स्कूल : नौ नंबर स्टैंड के पास साकची
डीएवी स्कूल, बिष्टïुपुर : कांट्रेक्टर्स एरिया
जेएच तारापोर स्कूल, धतकीडीह, स्टेटमाइल रोड
जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय : ब्लड बैंक के सामने, धतकीडीह
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय : जमशेदपुर हाई स्कूल परिसर, कांट्रेक्टर्स एरिया, बिष्टïुपुर

टाटा यूनियन में चमकी पिस्तौल, मुंबई तक सनसनी

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अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय की सुरक्षा बढ़ायी गयी

धमकी के पीछे की साजिश की जांच शुरू

जमशेदपुर से एक बहुत बड़ी ख्रबर आ रही है। वहां स्थित टाटा घराने की सबसे बड़ी कंपनी टाटा स्टील की मान्यता प्राप्त यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय के घर में घुसकर पिस्तौल चमका कर धमकी दी गयी है। इस घटना में पांडेय को शारीरिक रूप से कुछ नहीं हुआ है पर मानसिक रूप से गहरा असर हुआ है। इसकी धमक मुंबई तक सुनाई पड़ रही है। टाटा घराने के मुंबई स्थित मुख्यालय तक में सनसनी है और इस बार में लगातार जमशेदपुर से संपर्क बनाये रखने की बात कही जा रही है।

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नोकिया हैंडसेट को ‘भारतबेरी’ देगा बैकअप

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जयपुर - जयपुर की एक कम्पनी ने नोकिया हैंडसेट के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन लांच किया। एप्लीकेशन नोकिया हैंडसेट पर ईमेल और दूसरी सामग्रियों के लिए बैकअप सुविधा देगा।'डाटा इंफोसिस' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय दाता के अनुसार इस सॉफ्टवेयर का नाम ‘भारतबेरी’ है। इससे कन्टेक्ट, कार्यसूची, कैलेण्डर, छोटी टिप्पणी, आदि कई तरह की बैकअप सुविधा मिलेगी।

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एशिया की सबसे बडी सहकारी समिति पर कब्‍जे की जंग

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जमशेदपुर से आलोक

एशिया की सबसे बडी साख समितियों में शामिल रेलवे अरबन बैंक सोसाइटी पर अपना परचम फहराने की निर्णायक जंग शुरू हो गयी है। सोसाइटी के सदस्‍यों यानि डेलिगेटस के चयन को लेकर पहना दिन का चुनाव गुरुवार को हुआ। चक्रधरपुर रेल मंडल में कुल 76 सीटों के लिए मुकाबला हो रहा है  जिसमें 18544 मतदाता अपने मत का प्रयोग कर पसंदीदा डेलिगेटस को चुनेंगे। टाटानगर में कुल 14 पद के लिए जदोजहद हो रही है जिसमें 4220 मतदाता के निर्णय को अपने पक्ष् में करने के लिए पिछले एक महीने से रेलवे की दो बडी यूनियनें आमने-सामने थे।

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सडक पर दौडगी इलेक्ट्रिक रेसिंग कार

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पर्यावरण की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के चलते वाहन निर्माता कंपनियां अब पेट्रोल और डीजल के बजाए बिजली से चलने वाले वाहन ज्यादा बना रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की दौड़ में पहली बार शामिल हुई रेसिंग कार। पर्यावरण के लिए काम कर रही ब्रिटेन की ‘रेसिंग ग्रीन एंड्यूरेंस’ टीम ने हाल ही में बिजली से चलने वाली रेसिंग कार ‘एसआरजेडइरो’ इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार को पेश किया।

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अपने लिए भी जीना चाहता - रतन टाटा

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नई दिल्ली से खबर है कि भारतीय उद्योग जगत से सबसे प्रतिष्ठित व विश्वसनीय टाटा घराने के शीर्ष पुरूष रतन नवल टाटा  ने 15 - 20 साल पहले एक मंत्री द्वारा 15 करोड़ रुपये की रिश्वत का खुलासा क्या किया पूरे देहरादून के लेकर दिल्ली तक खलबली मच गयी।  अब हर कोई उस मंत्री का नाम जानना चाहता है। रतन टाटा ने अपने घराने की मर्यादा व कंपनी की आचा संहिता का पालन करते हुए 15 नवंबर को  देहरादून के कार्यक्रम में मंत्री का नाम तो नहीं लिया लेकिन यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि विकास की राह में भ्रष्टाचार ही सबसे बड़े रोड़ा है।इसी कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वे अपने लिए भी जीना चाहते हैं और तय समय पर ही रिटायर होंगे।

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नौ करोड़ की ‘ब्रा’

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न्यूयॉर्क के विक्टोरिया सीक्रेट सोहो स्टोर में बुधवार को विक्टोरिया सीक्रेट मॉडल एड्रियाना लीमा ने करीब 9 करोड़ रुपए का अंतर्वस्‍त्र पेश किया। जिसे ‘बमशैल’ नाम दिया गया है। सेक्सी लीमा ने विक्टोरिया के लिए मॉडलिंग करते हुए यह अंर्तवस्‍त्र (ब्रा) पेश किया। मशहूर मॉडल एड्रियाना लीमा न्यूयॉर्क की गलियों में इस खास अंतर्वस्‍त्र में ही निकल पडीं। यह कोई मामूली अंतर्वस्‍त्र नहीं थी, बल्कि 2 मिलियन डॉलर यानी लगभग 9 करोड़ रुपए की हीरों से जड़ा हुआ है।

बाजार में आया ब्लैकबेरी बोल्ड-9780’

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मुम्‍बई - सुरक्षा के लिहाज से उत्कृष्ट कारोबारी फोन ‘ब्लैकबेरी’ बनाने वाली दुनिया की दिग्गज कंपनी रिसर्च इन मोशन (रिम) ने तकनीकी बाजार में पेश किया अपना नया स्मार्टफोन ‘ब्लैकबेरी बोल्ड-9780’।

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लेनोवो ने उतारे दो लैपटॉप

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चीनी कंपनी लेनोवो ने हाल ही में तकनीकी बाजार में अपने सबसे लोकप्रिय लैपटॉप ‘आइडियापैड’ की जेड श्रृंखला ‘लेनोवो आईडियापैड जेड 460’ और ‘लेनोवो आईडियापैड जेड 560’ को पेश किया। ‘लेनोवो आइडियापैड जेड 460’ में 14 इंच की बड़ी स्क्रीन है और ‘लेनोवो आइडियापैड जेड 560’ में 15 इंच की शानदार चौड़ी डिसप्ले स्क्रीन है।

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झारखंड

राँची

जमशेदपुर

धनबाद

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