एक शोध से यह निष्कर्ष निकला है कि एकाकीपन बुजुर्ग लोगों के लिए जानलेवा है। यह इन लोगों के स्वास्थ्य के लिए उतना ही खतरनाक है जितना की मोटापा या फिर धूम्रपान जैसे अन्य पदार्थ। ब्रिटेन के समाचार पत्र 'डेली मेल' में प्रकाशित एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि 10 में से एक बुजुर्ग 'जबरदस्त' एकाकीपन से ग्रसित है।
इससे उसमें अवसाद घर करता है। साथ ही साथ उनकी कसरत करने और खाने-पीने की आदतें धीरे-धीरे खत्म होती चली जाती हैं। स्वास्थ्य जगत से जुड़े पेशेवर भी मान चुके हैं कि खराब स्वास्थ्य और एकाकीपन का करीबी रिश्ता है। 2200 लोगों पर कराए गए एक सर्वेक्षण के दौरान पांच में से एक व्यक्ति ने यह माना है कि एकाकीपन से स्वास्थ्य खराब होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) एकाकीपन को स्वास्थ्य खराब होने के बड़े कारणों में से मानता है। उसके मुताबिक एकाकीपन धूम्रपान और मोटापे से भी अधिक खतरनाक है। शोधकर्ता मानते हैं कि सामाजिक सक्रियता के अभाव में लोगों के अंदर अपक्षयी रोग घर बना लेते हैं। ऐसे रोगों में अल्जाइमर प्रमुख है।











